निगमायुक्त ने गोयला डेयरी सीबीजी प्लांट की प्रगति की समीक्षा की तथा वेस्ट जोन में एसडब्ल्यूएम सुविधाओं का किया निरीक्षण
नई दिल्ली, 10 जुलाई (हि.स.)। निगमायुक्त संजीव खिरवार ने शुक्रवार को नजफगढ़ क्षेत्र स्थित गोयला डेयरी सीबीजी प्लांट की व्यापक समीक्षा की तथा इसके बाद वेस्ट जोन में प्रमुख ठोस अपशिष्ट प्रबंधन(एसडब्ल्यूएम) सुविधाओं का निरीक्षण कर परियोजनाओं के क्रियान्वयन एवं अवसंरचना उन्नयन का जायजा लिया।
सीबीजी प्लांट को पशुओं के गोबर एवं नगर निगम के ठोस अपशिष्ट के प्रसंस्करण के माध्यम से जैव-गैस एवं जैविक खाद बनाने के उद्देश्य से विकसित किया जा रहा है। इस परियोजना का क्रियान्वयन भारत सरकार के आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय के शहरी विकास निधि (यूडीएफ) के अंतर्गत किया जा रहा है।
परियोजना की प्रगति की समीक्षा करते हुए निगमायुक्त ने कार्यान्वयन एजेंसी को निर्देश दिए कि सभी लंबित सिविल, मैकेनिकल एवं इलेक्ट्रिकल कार्यों को पर्याप्त संसाधनों की तैनाती के साथ शीघ्र पूरा किया जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि परियोजना की प्रगति में बाधा उत्पन्न करने वाले सभी मुद्दों का प्राथमिकता के आधार पर समाधान सुनिश्चित किया जाए, ताकि परियोजना निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूर्ण हो सके।
संजीव खिरवार ने सख्त निर्देश देते हुए कहा कि परियोजना को हर हाल में 17 सितंबर तक पूर्ण कर चालू करने के लिए तैयार किया जाए। उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि पशुओं का गोबर आसपास के नालों में न बहने पाए तथा गोबर के समुचित संग्रहण, परिवहन एवं प्रसंस्करण की प्रभावी व्यवस्था बनाए रखी जाए, जिससे पर्यावरण संरक्षण एवं जनस्वास्थ्य सुनिश्चित हो सके।
इसके उपरांत निगमायुक्त ने वेस्ट जोन की प्रमुख ठोस अपशिष्ट प्रबंधन (एसडब्ल्यूएम) सुविधाओं का निरीक्षण किया।
निरीक्षण की शुरुआत पंखा रोड स्थित फिक्स्ड कम्पैक्टर ट्रांसफर स्टेशन (एफसीटीएस) से हुई, जिसे जेएस एनवायरो सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड द्वारा विकसित एवं पुनर्निर्मित किया गया है। निगमायुक्त ने उन्नत अवसंरचना, परियोजना की ब्रांडिंग तथा परिचालन संबंधी तैयारियों का अवलोकन किया।
इस अवसर पर सुविधा केंद्र पर तैनात उन्नत वाहन बेड़े जिनमें कंटेनर कैरियर, हुक लोडर, सड़क झाड़ू से एकत्रित अपशिष्ट के परिवहन हेतु आरसी वाहन, ऑटो टिप्पर तथा ई-रिक्शा शामिल हैं का प्रदर्शन किया गया, जिससे अपशिष्ट संग्रहण एवं परिवहन क्षमता में हुए सुधार को प्रदर्शित किया गया। उन्होंने परिसर में किए गए हरित विकास, लैंडस्केपिंग एवं वृक्षारोपण की भी सराहना की।
इसके पश्चात उन्होंने बीओटी फिक्स्ड कम्पैक्टर ट्रांसफर स्टेशन (एफसीटीएस) का निरीक्षण किया, जहां इसी प्रकार की उन्नत अवसंरचना, परियोजना ब्रांडिंग तथा परिचालन व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई। उन्होंनेे परियोजना के अंतर्गत संचालित इलेक्ट्रिक वाहन बेड़े को सहयोग प्रदान करने हेतु स्थापित नए ईवी चार्जिंग स्टेशन का भी निरीक्षण किया। इस परिसर का भी लैंडस्केपिंग एवं वृक्षारोपण के माध्यम से सौंदर्यीकरण किया गया है।
इसके बाद निगमायुक्त ने राजौरी गार्डन स्थित निर्माण एवं विध्वंस (सी एंड डी) अपशिष्ट संग्रहण स्थल का दौरा कर जेई स्टोर में लगाए गए वाटर स्प्रिंकलर तथा धूल नियंत्रण संबंधी अन्य उपायों का निरीक्षण किया। उन्होंने धूल उत्सर्जन को नियंत्रित करने एवं पर्यावरणीय मानकों के अनुपालन के लिए की गई व्यवस्थाओं की समीक्षा की तथा इन उपायों के प्रभावी क्रियान्वयन, नियमित रखरखाव एवं सतत निगरानी सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक निर्देश दिए।
गोयला डेयरी सीबीजी प्लांट के निरीक्षण के दौरान निगमायुक्त के साथ नजफगढ़ क्षेत्र के उपायुक्त शाश्वत सौरभ, मुख्य अभियंता पीसी मीणा तथा एमसीडी के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / माधवी त्रिपाठी