एमसीडी सदन में हंगामे पर महापौर प्रवेश वाही ने आआपा पार्षदों की निंदा की

 




नई दिल्ली, 22 अक्टूबर (हि.स.)। दिल्ली नगर निगम के महापौर प्रवेश वाही ने निगम सदन की सामान्य सभा की बैठक में आम आदमी पार्टी (आआपा) के पार्षदों द्वारा किए गए हंगामे और कथित अनुशासनहीनता की कड़े शब्दों में निंदा की है। उन्होंने आरोप लगाया कि आआपा पार्षदों ने स्वच्छता और वायु प्रदूषण जैसे दिल्लीवासियों के स्वास्थ्य से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा बाधित की और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाकर सदन की गरिमा को ठेस पहुंचाई। महापौर ने मामले को निगम की अनुशासन समिति के पास भेजते हुए दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करने की बात कही।

प्रवेश वाही ने कहा कि सदन की बैठक में वायु प्रदूषण और स्वच्छता पर आधे घंटे की चर्चा निर्धारित थी। इसके साथ ही आगामी त्योहारों के मद्देनजर सफाई व्यवस्था बेहतर बनाने के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लिए जाने थे। उनके अनुसार, इन जनहितकारी प्रस्तावों पर चर्चा के दौरान आआपा पार्षदों ने व्यवधान उत्पन्न किया और कांग्रेस की एक पार्षद पर अभद्र टिप्पणी भी की।

महापौर ने आरोप लगाया कि आआपा पार्षद सदन में हंगामा करने के उद्देश्य से आते हैं और उन्हें दिल्ली की जनता से जुड़े मुद्दों की चिंता नहीं है। उन्होंने कहा कि निगम कर्मचारियों के हित में किए जा रहे कार्यों का भी आआपा पार्षद विरोध करते हैं। कुछ दिन पहले ही 1,500 स्वच्छता कर्मचारियों को नियमित किया गया, जिससे उनका वेतन 18,500 रुपये से बढ़कर लगभग 50,000 रुपये प्रतिमाह तक पहुंच गया है।

प्रवेश वाही ने बताया कि आगामी त्योहारों के दौरान दिल्ली में सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए तीन महीने के लिए 2,500 स्वच्छता कर्मचारियों को नियुक्त किया जाएगा। इसके अलावा, सभी पार्षदों को अपने-अपने क्षेत्रों में विकास कार्य कराने के लिए 25-25 लाख रुपये की राशि दी जाएगी। उन्होंने कहा कि दिल्ली नगर निगम नागरिकों की सुविधाओं और जनहित को ध्यान में रखते हुए लगातार काम कर रहा है।

महापौर ने बताया कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने यमुना की सफाई के लिए 8,941 करोड़ रुपये की परियोजनाओं को हरी झंडी दिखाई है। उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 6,600 मीट्रिक टन गोबर से गैस बनाने की परियोजना के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। इस प्रस्ताव को निगम सदन की बैठक में भी पारित कर दिया गया।

प्रवेश वाही ने कहा कि हंगामे और व्यवधान के बावजूद दिल्ली नगर निगम ने नागरिकों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए कई जनहितकारी प्रस्तावों को पारित किया। उन्होंने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी के पार्षद अक्सर जनहित से जुड़े विषयों पर सकारात्मक चर्चा से बचते हैं और सदन की कार्यवाही में अनावश्यक बाधा उत्पन्न करते हैं।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / माधवी त्रिपाठी