महापौर ने स्वच्छता और बाढ़ प्रबंधन को मजबूत करने के लिए नए वाहनों को दिखाई हरी झंडी

 


नई दिल्ली, 02 अप्रैल (हि.स.)। दिल्ली के महापौर राजा इकबाल सिंह ने गुरुवार को दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) के खरीदे गए वाहनों को हरी झंडी दिखाई। जिसका उद्देश्य शहर में स्वच्छता सेवाओं को सुदृढ़ करना और जलभराव की स्थिति से निपटने की क्षमता को मजबूत करना है। इस बेड़े में 16 बैकहो लोडर (जेसीबी), 2 फ्लड कंट्रोल इमरजेंसी वाहन और 6 मैकेनिकल रोड स्वीपर शामिल हैं।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए दिल्ली के महापौर राजा इकबाल सिंह ने कहा कि नगर निगम दिल्ली को स्वच्छ, स्वस्थ और हरित बनाने के संकल्प के साथ कार्य कर रही है। उसी कड़ी में आज अत्याधनिक मशीनों को निगम के बेड़े में शामिल करने का यह दूसरा चरण है।

महापौर ने कहा कि पिछले कई सालों से दिल्ली की जनता ने सिर्फ विज्ञापनों में काम देखा था, जमीन पर कुछ नहीं हो रहा था। लेकिन अब दिल्ली में बदलाव और विकास की बयार बह रही है। अधिकारी अब दफ्तरों से निकलकर फील्ड में जा रहे हैं और दिल्ली के विकास के लिए पूरी लगन और मेहनत से कार्य कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि निगम दिल्ली की जनता को विश्वास दिलाता है कि आने वाले मानसून में आपको सड़कों पर वो नजारा नहीं दिखेगा जो पहले दिखता था। दिल्ली अब विकास की पटरी पर लौट आई है और हम इसे फिर से देश की शान बनाएंगे।

महापौर ने कहा कि भारी मानसूनी वर्षा, अपर्याप्त जल निकासी व्यवस्था और तीव्र शहरीकरण के कारण दिल्ली में शहरी बाढ़ की समस्या लगातार बढ़ रही है। इस चुनौती से निपटने के लिए एमसीडी ने दो अत्याधुनिक सीएनजी संचालित फ्लड कंट्रोल इमरजेंसी वाहनों की खरीद की है। प्रत्येक वाहन में प्रति मिनट 10,000 लीटर पानी निकालने की क्षमता वाला पंप लगा है। ये वाहन जलभराव की स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित करेंगे और यातायात बाधा, संपत्ति क्षति तथा स्वास्थ्य संबंधी जोखिमों को कम करने में सहायक होंगे।

राजा इकबाल सिंह ने बताया कि इन फ्लड कंट्रोल वाहनों का संचालन व्यापक संचालन एवं रखरखाव (ओएंडएम) मॉडल के तहत किया जाएगा ताकि उनका प्रभावी उपयोग सुनिश्चित हो सके। इनकी गुणवत्ता की जांच आईआईटी दिल्ली द्वारा की गई है। प्रत्येक वाहन की लागत 87.02 लाख रुपये है और इनकी उपयोग अवधि 15 वर्ष है।

महापौर ने कहा कि इसके अतिरिक्त, एमसीडी ने 4.5 घन मीटर क्षमता वाले छह ट्रक-माउंटेड मैकेनिकल रोड स्वीपिंग मशीनों को भी शामिल किया है। ये मशीनें सड़कों की मशीनीकृत सफाई को बेहतर बनाएंगी और धूल प्रदूषण को नियंत्रित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। साथ ही, ये उच्च यातायात वाले क्षेत्रों में मैनुअल सफाई की आवश्यकता को कम कर सफाई कर्मियों की सुरक्षा भी बढ़ाएंगी। इन रोड स्वीपर मशीनों का संचालन भी ओएंडएम मॉडल के तहत किया जाएगा। इनकी गुणवत्ता आईआईटी दिल्ली द्वारा प्रमाणित की गई है। प्रत्येक मशीन की लागत 58.69 लाख रुपये है और इनकी उपयोग अवधि 10 वर्ष है।

उन्होंने कहा कि स्वच्छता ढांचे को और मजबूत करते हुए एमसीडी ने सैनिटेशन कैपिटल हेड के अंतर्गत 16 नए बैकहो लोडर भी अपने बेड़े में शामिल किए हैं। इसके साथ ही एमसीडी के पास कुल बैकहो लोडरों की संख्या बढ़कर 68 हो गई है। ये मशीनें नवीनतम उत्सर्जन मानकों के अनुरूप हैं और मिश्रित कचरे को उठाने व लोड करने जैसे कार्यों के लिए उपयुक्त हैं। फ्रंट और बैक दोनों ओर मल्टीपरपज बकेट से सुसज्जित ये लोडर मैनुअल श्रम को कम करेंगे और सफाई कार्यों की गति को तेज करेंगे। प्रत्येक यूनिट की लागत 30.88 लाख रुपये है और इनकी उपयोगी आयु 10 वर्ष है।

इस अवसर पर स्थायी समिति की अध्यक्ष सत्या शर्मा, पर्यावरण प्रबंधन समिति के अध्यक्ष संदीप कपूर, निगमायुक्त संजीव खिरवार तथा दिल्ली नगर निगम दिल्ली के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / माधवी त्रिपाठी