उपराज्यपाल ने भलस्वा लैंडफिल का किया निरीक्षण, कचरा निपटान कार्यों में तेजी लाने के दिए निर्देश

 




नई दिल्ली, 30 मार्च (हि.स.)। दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने सोमवार को भलस्वा लैंडफिल साइट का दौरा कर नगर निगम द्वारा चलाए जा रहे बायोरेमेडिएशन कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को कचरा निपटान की प्रक्रिया में तेजी लाने और आधुनिक तकनीकों के उपयोग पर जोर दिया।

उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने मौके पर मौजूद श्रमिकों से बातचीत कर उनकी समस्याओं को समझा और निर्देश दिया कि ठेकेदारों द्वारा सभी आवश्यक स्वास्थ्य और सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाए।

निरीक्षण के दौरान उपराज्यपाल ने सुझाव दिया कि बेहतर परिणामों के लिए अंतरराष्ट्रीय मानकों को अपनाया जाए और विशेषज्ञों की सलाह के साथ-साथ वैश्विक स्तर पर विकसित नई तकनीकों का इस्तेमाल किया जाए। उन्होंने दिल्ली नगर निगम को निर्देश दिया कि वे न केवल पुराने कचरे के निपटान पर ध्यान दें, बल्कि इन स्थलों पर लगातार आ रहे ताजा कचरे की समस्या का भी समाधान करें।

उपराज्यपाल ने गर्मी के मौसम को देखते हुए लैंडफिल साइटों पर आग लगने की घटनाओं को रोकने के लिए सभी आवश्यक निवारक उपाय तत्काल लागू करने पर भी जोर दिया। इसके साथ ही उन्होंने पूरे दिल्ली में कचरे के स्रोत पर ही सूखा और गीला कचरा अलग करने के लिए रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (आरडब्ल्यूए) और मार्केट ट्रेडर्स एसोसिएशन (एमटीए) को सक्रिय रूप से शामिल करने का आह्वान किया।

उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने दिल्ली के तीन प्रमुख कूड़ा डंप स्थलों भलस्वा, गाजीपुर और ओखला को “कचरे के पहाड़” बताया था और इन्हें हटाने का आह्वान किया था। इन स्थलों पर काम वर्ष 2022 में शुरू हुआ था। पिछले एक साल में उल्लेखनीय प्रगति हुई है, लेकिन अभी भी काफी काम बाकी है।

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हिन्दुस्थान समाचार / माधवी त्रिपाठी