(साइड स्टोरी) करोल बाग बस हादसा: ईद मनाकर लौटने वाले शहबाज, घर पर इंतजार करती गर्भवती पत्नी… शादी से पहले ही बुझ गया महेश का सपना
नई दिल्ली, 25 मार्च (हि.स.)। “मां इंतजार कर रही थी कि बेटा सुबह घर लौट आएगा… लेकिन यह इंतजार कभी खत्म नहीं हुआ। करोल बाग के हनुमान मंदिर के पास बुधवार तड़के हुए दर्दनाक बस हादसे ने दो परिवारों की दुनिया उजाड़ दी। एक तरफ बिजनौर का 30 वर्षीय शहबाज आलम, जो ईद मना कर घर लौटने वाला था और जिसकी पत्नी तीन महीने की गर्भवती है, हमेशा के लिए चला गया। दूसरी ओर 22 वर्षीय महेश, जिसकी शादी अगले महीने 20 अप्रैल को होने वाली थी, जिंदगी की दहलीज पर ही मौत के आगोश में समा गया। मंगलवार और बुधवार की दरमियानी रात करीब 1 बजे जयपुर से दिल्ली आ रही एक टूरिस्ट स्लीपर बस करोल बाग के गोलचक्कर पर तेज रफ्तार में मोड़ लेते समय अनियंत्रित होकर 2-3 बार पलट गई। बस में करीब 30 यात्री सवार थे। हादसे में शहबाज आलम (30) और महेश (22) की मौत हो गई, जबकि 23 अन्य यात्री घायल हो गए। महेश की मां का रो-रोकर बुरा हाल है। वह बार-बार यही कह रही हैं “मेरा लाल सुबह घर आने वाला था ” परिवार शादी की तैयारियों में जुटा था, लेकिन एक पल में सब कुछ खत्म हो गया। महेश अपने भाई मुकेश के साथ हरियाणा से बस में सवार हुआ था। हादसे में महेश की मौत हो गई, जबकि बड़ा भाई मुकेश घायल हालत में बच गया। उसके खून से सने कपड़े हादसे की भयावहता बयां कर रहे थे। मुकेश ने आरोप लगाया कि ड्राइवर लगातार तेज रफ्तार में बस चला रहा था और कई बार मना करने के बावजूद नहीं माना। उसने यह भी दावा किया कि रास्ते में एक ढाबे पर बस करीब एक घंटे तक रुकी, जहां ड्राइवर ने शराब पी। हालांकि पुलिस ने मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर ड्राइवर के नशे में होने की बात से इनकार किया है।
दूसरे मृतक शहबाज आलम बिजनौर के रहने वाले थे और कपड़े का कारोबार करते थे। वह अपने परिवार के इकलौते कमाने वाले थे। करीब एक साल पहले ही उनकी शादी हुई थी और उनकी पत्नी गर्भवती है। उनके परिवार में बुजुर्ग पिता, एक छोटा भाई और एक बहन हैं। शहबाज अपने चचेरे भाई के साथ जयपुर में ईद मनाने गए थे और वापस घर लौट रहे थे।
परिजनों का आरोप है कि ड्राइवर की लापरवाही ने उनकी जिंदगी छीन ली। शहबाज के साले ने कहा, “अगर बस सही तरीके से चलाई जाती तो आज वह जिंदा होते।
वहीं एक अन्य रिश्तेदार ने बताया कि ड्राइवर पूरी यात्रा के दौरान जल्दी में था और यात्रियों की बात सुनने को तैयार नहीं था। हादसे के दौरान बस में अफरा-तफरी मच गई। कई यात्री सीटों और बर्थ के बीच फंस गए थे। मुकेश ने बताया कि उसका भाई बस के नीचे दब गया था और वह खुद किसी तरह बाहर निकलकर अन्य लोगों को बचाने में जुट गया। “वह मंजर बहुत डरावना था। लोग चिल्ला रहे थे, कुछ बेहोश थे। घटना की सूचना मिलते ही करोल बाग थाना पुलिस, दमकल विभाग और स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे। पुलिस और फायर टीम ने तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। पास से गुजर रही एक जेसीबी मशीन की मदद से बस को उठाकर अंदर फंसे लोगों को बाहर निकाला गया। स्थानीय लोगों ने भी खिड़कियां तोड़कर घायलों को बाहर निकालने में मदद की।
वहीं घायलों में अनामिका शुक्ला भी शामिल हैं, जिन्हें कूल्हे में फ्रैक्चर हुआ है। उनका चार साल का बेटा और देवरानी मामूली रूप से घायल हुए। उनके पति शैलेन्द्र शुक्ला ने कहा कि इस घटना के लिए जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। पुलिस के मुताबिक बस चालक पंकज कुमार (26), निवासी अलवर (राजस्थान), को हिरासत में लिया गया है और वह खुद भी घायल है। उसके खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि बस में कोई तकनीकी खराबी तो नहीं थी और इमरजेंसी एग्जिट काम कर रहा था या नहीं।
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हिन्दुस्थान समाचार / कुमार अश्वनी