नशा मुक्त भारत पखवाड़ा: दिल्ली पुलिस का संयुक्त जागरूकता अभियान

 


नई दिल्ली, 19 जून (हि.स.)। अंतरराष्ट्रीय मादक पदार्थ दुरुपयोग एवं अवैध तस्करी निरोधक दिवस के मद्देनजर दिल्ली पुलिस ने राजधानी में नशे के खिलाफ अपनी मुहिम तेज कर दी है। ‘नशा मुक्त भारत पखवाड़ा’ के तहत क्राइम ब्रांच की एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) ने उत्तर और मध्य जिला पुलिस के साथ मिलकर नशे के हॉटस्पॉट इलाकों में व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया।

दिल्ली पुलिस की ओर से 12 जून से 26 जून 2026 तक ‘नशा मुक्त भारत पखवाड़ा’ आयोजित किया जा रहा है। इस दौरान विभिन्न जिलों और विशेष इकाइयों की ओर से जागरूकता कार्यक्रम, जनसंपर्क अभियान और नशे के कारोबार से जुड़े लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। पुलिस के अनुसार, हर वर्ष 26 जून को अंतरराष्ट्रीय मादक पदार्थ दुरुपयोग एवं अवैध तस्करी निरोधक दिवस मनाया जाता है। इसका उद्देश्य नशे के खिलाफ वैश्विक स्तर पर सहयोग बढ़ाना और लोगों को इसके दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना है।

अन्ना नगर और उषा माता मंदिर के पास चलाया गया अभियान

18 जून को क्राइम ब्रांच की एएनटीएफ ने उत्तर और मध्य जिला की एंटी नारकोटिक्स स्क्वॉड, स्थानीय थाना पुलिस और मधुमिता थिएटर के सहयोग से मध्य दिल्ली के आईटीओ स्थित अन्ना नगर और उत्तर जिला के उषा माता मंदिर के पास विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए।

अन्ना नगर, आईपी एस्टेट में नुक्कड़ नाटक, जनसंपर्क वाहन के माध्यम से जागरूकता वीडियो प्रदर्शन, पब्लिक काउंसलिंग सत्र और चित्र प्रदर्शनी के जरिए लोगों को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में जानकारी दी गई। प्रदर्शनी में नशे से होने वाले सामाजिक, आर्थिक, शारीरिक और मानसिक नुकसान को दर्शाया गया।

वहीं, उत्तर जिले के उषा माता मंदिर के पास रिक्शा चालकों, ऑटो चालकों, दिहाड़ी मजदूरों, रेहड़ी-पटरी विक्रेताओं और अन्य संवेदनशील वर्गों के लोगों को जागरूक किया गया। इस दौरान लोगों के साथ संवाद सत्र और काउंसलिंग कार्यक्रम भी आयोजित किए गए।

एनडीपीएस एक्ट की दी गई जानकारी

कार्यक्रम के दौरान लोगों को नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंस (एनडीपीएस) एक्ट के प्रावधानों के बारे में विस्तार से बताया गया। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि मादक पदार्थों की खरीद-फरोख्त, भंडारण, परिवहन, वितरण और सेवन कानूनन अपराध है और इसमें शामिल पाए जाने पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाती है। लोगों से नशामुक्त जीवनशैली अपनाने और अपने परिवार, दोस्तों तथा परिचितों को भी नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करने की अपील की गई।

1933 हेल्पलाइन पर गोपनीय तरीके से दे सकते हैं सूचना

पुलिस ने अभियान के दौरान ‘मानस’ (मादक पदार्थ निषेध सूचना केंद्र) राष्ट्रीय नारकोटिक्स हेल्पलाइन और पोर्टल के बारे में भी जानकारी दी। लोगों को बताया गया कि नशे की तस्करी, अवैध बिक्री, भंडारण, परिवहन, खेती या नशीले पदार्थों के सेवन से जुड़ी किसी भी जानकारी को राष्ट्रीय नारकोटिक्स हेल्पलाइन नंबर 1933 पर गोपनीय तरीके से साझा किया जा सकता है। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि समय पर मिलने वाली सूचनाएं, मुखबिरों की गोपनीयता और सामुदायिक सहयोग नशे के नेटवर्क को खत्म करने में अहम भूमिका निभाते हैं।

लोगों से सतर्क रहने की अपील

स्थानीय निवासियों, दुकानदारों और श्रमिकों से अपील की गई कि वे अपने आसपास होने वाली किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर नजर रखें और नशीले पदार्थों से जुड़े मामलों की सूचना तुरंत पुलिस को दें। अभियान में शामिल लोगों ने दिल्ली पुलिस के प्रयासों की सराहना करते हुए नशामुक्त समाज बनाने में सहयोग का भरोसा दिलाया।

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हिन्दुस्थान समाचार / कुमार अश्वनी