हिंदी के भविष्य पर विवेकानंद महाविद्यालय में विशेष व्याख्यान
नई दिल्ली, 28 सितंबर (हि.स.)। दिल्ली विश्वविद्यालय के विवेकानंद महाविद्यालय में हिंदी दिवस के अवसर पर ‘हिंदी का भविष्य’ विषय पर विशेष व्याख्यान और अंतर महाविद्यालयी प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। सोमवार को हिन्दी विभाग की मकरंद साहित्य सभा की ओर से आयोजित कार्यक्रम में दिल्ली विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग के वरिष्ठ प्रोफेसर अनिल राय ने मुख्य वक्ता के रूप में विद्यार्थियों और शिक्षकों को संबोधित किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन से हुआ। हिंदी विभाग की प्रभारी डॉ. बबिता जायसवाल ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कार्यक्रम की रूपरेखा और उद्देश्य की जानकारी दी।
महाविद्यालय की प्राचार्य प्रो. पिंकी मौर्य ने हिंदी की वर्तमान स्थिति और भविष्य की संभावनाओं पर विचार व्यक्त करते हुए राष्ट्रीय आंदोलन में हिंदी की भूमिका को रेखांकित किया।
मुख्य वक्ता प्रो. अनिल राय ने कहा कि हिंदी आज साहित्य और अभिव्यक्ति की भाषा होने के साथ शिक्षा, व्यवसाय, बाजार, मीडिया और डिजिटल संचार के क्षेत्रों में भी अपनी उपस्थिति लगातार बढ़ा रही है। उन्होंने कहा कि भाषा में समय के साथ होने वाला परिवर्तन स्वाभाविक प्रक्रिया है और किसी भी भाषा की जीवंतता नई आवश्यकताओं एवं माध्यमों के अनुरूप स्वयं को विकसित करने में निहित है।
उन्होंने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), इंटरनेट और डिजिटल माध्यमों के बढ़ते प्रभाव का उल्लेख करते हुए कहा कि तकनीकी विकास के साथ हिंदी सहित भारतीय भाषाओं के प्रयोग का दायरा भी विस्तृत हो रहा है। उन्होंने डिजिटल दुनिया में आने वाले समय में भारतीय भाषाओं की बढ़ती भूमिका की संभावनाओं की ओर ध्यान आकर्षित किया।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों की रचनात्मक प्रतिभा को मंच देने के उद्देश्य से अंतर महाविद्यालयी निबंध लेखन, स्वरचित कविता पाठ और पोस्टर निर्माण प्रतियोगिताओं का आयोजन भी किया गया। विभिन्न महाविद्यालयों से आए विद्यार्थियों ने इन प्रतियोगिताओं में उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. सरिता ने किया, जबकि डॉ. योजना कालिया ने धन्यवाद ज्ञापन किया। आयोजन में प्रो. सरोज कुमारी, डॉ. योजना कालिया, डॉ. मुकेश बर्णवाल, डॉ. ओमवीर सिंह, डॉ. प्रतिभा कुमारी जैमिनी, डॉ. मीना पाण्डेय, डॉ. अमित कुमार, डॉ. शीतल, डॉ. उदय सिंह मीणा, डॉ. सरिता, डॉ. नम्रता सिंह एवं आशीष द्विवेदी सहित आयोजन समिति के सदस्यों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
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हिन्दुस्थान समाचार / माधवी त्रिपाठी