हर्ष मल्होत्रा ने प्रदर्शन को लेकर विपक्ष पर साधा निशाना

 


नई दिल्ली, 05 अक्टूबर (हि.स.)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा ने मुख्य चुनाव आयुक्त के निलंबन की मांग से जुड़ी याचिका पर उच्चतम न्यायालय में हुई प्रारंभिक सुनवाई के बाद विपक्षी दलों पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि उच्चतम न्यायालय द्वारा सभी संबंधित पक्षों को नोटिस जारी किए जाने और मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ तत्काल अंतरिम निलंबन आदेश देने से इनकार के बावजूद विपक्ष का आंदोलन जारी रखना यह दर्शाता है कि उसे न तो चुनाव आयोग पर भरोसा है और न ही न्यायपालिका पर।

दिल्ली भाजपा अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा ने सोमवार को एक पत्रकार विज्ञप्ति जारी कर कहा कि उच्चतम न्यायालय द्वारा मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने का अस्थाई आदेश न देना दर्शाता है कि यह एकतरफा मामला नहीं है। उन्होंने कहा कि अदालत ने मामले की सुनवाई शुरू करते हुए सभी संबंधित पक्षों को अपना पक्ष रखने का अवसर दिया है, ऐसे में विपक्ष को न्यायिक प्रक्रिया का सम्मान करना चाहिए।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि चाहे जुलाई में हुआ सीजेपी आंदोलन हो या मौजूदा चुनाव आयोग विरोधी आंदोलन, यदि आंदोलन के नेतृत्वकर्ताओं को संविधान और न्यायपालिका पर विश्वास है तो उच्चतम न्यायालय में सुनवाई शुरू होते ही आंदोलन को स्थगित कर देना चाहिए था।

उन्होंने विपक्षी दलों पर आरोप लगाते हुए कहा कि आंदोलन के खल-नायक संविधान या न्यायपालिका पर विश्वास नहीं रखते हैं। अगर रखते, तो उच्चतम न्यायालय में सुनवाई शुरू होते ही आंदोलन को स्थगित करना चाहिए था।

मल्होत्रा ने कहा कि हारे और हताश विपक्षी दल इस आंदोलन को लंबा खींचना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि विपक्ष की कोशिश आंदोलन की आड़ में 2027 के प्रारंभ में होने वाले पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों को प्रभावित करने की है।

उन्होंने विपक्षी दलों से न्यायपालिका में विश्वास बनाए रखने और न्यायिक प्रक्रिया के परिणाम की प्रतीक्षा करने की अपील की।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / माधवी त्रिपाठी