दिल्ली में 24 घंटों में एच1एन1 के 166 मामले, स्वास्थ्य मंत्री ने किया इंदिरा गांधी अस्पताल का निरीक्षण
नई दिल्ली, 27 अगस्त (हि.स.)। दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने बुधवार को राजधानी में एच1एन1 के मामलों को देखते हुए द्वारका के इंदिरा गांधी अस्पताल का निरीक्षण किया। उन्होंने अस्पताल और स्वास्थ्य विभाग की तैयारियों की भी समीक्षा की। दिल्ली में पिछले 24 घंटों में एच1एन1 के 166 मामले सामने आए हैं, जबकि राजधानी में कुल मामलों की संख्या बढ़कर 2612 हो गई है। वहीं इन्फ्लूएंजा-ए के कुल मामले लगभग 3300 हो गए हैं।
स्वास्थ्य मंत्री अस्पताल में बनाए गए विशेष एन1एन1 आइसोलेशन वार्ड का बारीकी से निरीक्षण करने के साथ मरीजों के इलाज और देखभाल के इंतजामों का भी जायजा लिया। उन्होंने अस्पताल के डॉक्टरों, हेल्थकेयर वर्करों और मरीजों से बातचीत की और बेड, ऑक्सीजन, दवाइयों, फ़्लूइड, टेस्टिंग सुविधाओं और दूसरी जरूरी मेडिकल सुविधाओं की उपलब्धता का भी जायजा लिया।
मंत्री ने जागरूकता और जनसंपर्क अभियान के तहत इस्तेमाल किए जा रहे आईईसी मटीरियल की भी समीक्षा की, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि एच1एन1 की रोकथान और बचाव, लक्षणों और जरूरी सावधानियों के बारे में लोगों तक सही जानकारी समय पर पहुंचाई जा सके।
इंदिरा गांधी अस्पताल के निरीक्षण के बाद स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि मैं दिल्ली की जनता को भरोसा दिलाना चाहता हूं कि किसी भी व्यक्ति को घबराने की बिल्कुल भी जरूरत नहीं है। दिल्ली सरकार और हमारा स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह से तैयार हैं। हमारे डॉक्टर, नर्स, लैब टेक्नीशियन और अन्य स्वास्थ्यकर्मी पूरी तरह से सतर्क हैं और पूरी गंभीरता और समर्पण के साथ अपनी जिम्मेदारियां निभा रहे हैं।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि इंदिरा गांधी अस्पताल का आज का दौरा जमीनी स्तर पर तैयारियों का जायज़ा लेने की हमारी सरकार की लगातार कोशिशों का हिस्सा है। उन्होंने आगे कहा कि अस्पताल में एच1एन1 मरीजों के लिए एक विशेष आइसोलेशन वार्ड बनाया गया है। ऑक्सीजन, दवाइयों, फ़्लूइड, टेस्टिंग और दूसरी ज़रूरी मेडिकल सुविधाओं के लिए पर्याप्त इंतज़ाम किए गए हैं। हम लगातार अस्पताल की तैयारियों की समीक्षा कर रहे हैं और यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि मरीजों की देखभाल में किसी भी तरह की कोई कमी नहीं रहे।
अस्पताल ने स्वाइन फ्लू/एच1एन1 के लिए एक स्पेशल क्लिनिक भी बनाया है, जहां पर संदिग्ध मरीज़ों की सबसे पहले जांच की जाएगी।
स्वास्थ्य मंत्री ने दिल्ली के नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि किसी को भी घबराने की कोई जरूरत नहीं है। इस बीमारी के लक्षण ज़्यादातर आम मौसमी फ़्लू या बुख़ार जैसे ही हैं और मरीज इलाज के बाद ठीक होकर अपने घर लौट रहे हैं। वर्तमान में जो मरीज फिलहाल अस्पतालों में भर्ती हैं, उनका डॉक्टर उचित इलाज और निगरानी कर रहे हैं।
स्वास्थ्य मंत्री ने लोगों से स्वास्थ्य संबंधी एडवाइजरी का पालन करने और बुनियादी सावधानियां बरतने की अपील की। उन्होंने अनावश्यक रूप से भीड़-भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचने, साबुन और पानी से नियमित रूप से हाथ धोने के साथ सैनिटाइज़र का इस्तेमाल करने और सामान्य साफ़-सफ़ाई बनाए रखने की सलाह दी।
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हिन्दुस्थान समाचार / धीरेन्द्र यादव