पात्र व्यक्ति 30 सितंबर तक फॉर्म-6 भरकर मतदाता सूची में जुड़वा सकते हैं नाम

 




नई दिल्ली, 04 सितंबर (हि.स.)। दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) कार्यालय का कहना है कि विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत गणना प्रपत्र जमा नहीं कर पाने वाले पात्र मतदाता अब भी अपना नाम सूची में शामिल करा सकते हैं। वे 30 सितंबर तक चल दावे और आपत्तियों के चरण में निर्धारित घोषणा पत्र और जरूरी दस्तावेजों के साथ फॉर्म-6 भर सकते हैं। इसके बाद अंतिम मतदाता सूची 4 नवंबर को प्रकाशित की जाएगी।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय ने ड्राफ्ट मतदाता सूची और अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत और डुप्लीकेट (एएसडीडी) सूची को लेकर प्रिंट और सोशल मीडिया में प्रकाशित खबरों में उठाए सवालों पर विस्तृत स्पष्टीकरण दिया है। उन्होंने बताया कि दिल्ली में मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण के तहत ड्राफ्ट मतदाता सूची 31 अगस्त को प्रकाशित की गई थी।

कार्यालय के अनुसार, 30 जून से 17 अगस्त तक बीएलओ ने घर-घर जाकर पहले से छपे हुए गणना प्रपत्र वितरित किए और मतदाताओं का सत्यापन किया। इस दौरान जो मतदाता अपने पंजीकृत पते पर नहीं मिले या वहां से स्थानांतरित पाए गए, उन्हें निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार एएसडीडी श्रेणी में रखा गया। बीएलओ ने घर-घर सत्यापन शुरू करने से पहले बूथ लेवल एजेंटों (बीएलए) को इसकी जानकारी दी थी और उनके साथ समय-समय पर बैठकें भी की थीं।

कार्यालय ने कहा कि किसी मतदाता को केवल अनुमान के आधार पर ‘स्थानांतरित’ नहीं माना गया है। घर-घर सत्यापन के दौरान इसकी पुष्टि होने के बाद ही उसे इस श्रेणी में रखा गया। बीएलओ से मिली जानकारी के आधार पर एएसडीडी मतदाताओं की सूची भारत निर्वाचन आयोग के निर्धारित प्रारूप में ईसीआई-नेट के माध्यम से तैयार की गई और मुख्य निर्वाचन अधिकारी, दिल्ली की वेबसाइट पर उपलब्ध कराई गई है।

जिन मतदाताओं के गणना प्रपत्र निर्धारित समय में नहीं मिल सके, उन्हें पांच श्रेणियों में रखा गया है। इनमें मृत्यु, अप्राप्य या अनुपस्थित, स्थायी रूप से स्थानांतरित, पहले से नामांकित और अन्य श्रेणी शामिल हैं। किसी मतदाता को किसी खास कारण से संबंधित श्रेणी में रखने की जानकारी के लिए बीएलओ की ओर से अपलोड की गई बैठकों की कार्यवृत्त देखी जा सकती है।

एएसडीडी सूची में शामिल मतदाताओं के पते उपलब्ध नहीं कराए जाने के आरोपों पर कार्यालय ने कहा कि राजनीतिक दलों की ओर से मतदान केंद्र स्तर पर नियुक्त बीएलए-2 को बीएलओ के साथ हुई बैठकों में संबंधित मतदाताओं के पते नोट करने के लिए कहा गया था। राजनीतिक दलों को पत्र भेजकर अपने बीएलए को बीएलओ से संपर्क कर एएसडीडी सूची में शामिल मतदाताओं के पते लेने के निर्देश देने का भी अनुरोध किया गया था।

फॉर्म 8 को किसी मौजूदा मतदाता द्वारा निर्वाचन क्षेत्र के भीतर या बाहर निवास स्थान बदलने, विवरणों में सुधार करने, बिना सुधार के ईपीआईसी को बदलने और किसी दिव्यांग मतदाता को चिह्नित करने के लिए आवश्यक घोषणा और सहायक दस्तावेजों के साथ जमा किया जा सकता है। आवेदन पत्र ईआरओ, एयरो, बीएलओ और मतदान केंद्रों सहित निर्दिष्ट स्थानों पर व्यक्तिगत रूप से जमा किए जा सकते हैं। सीईओ कार्यालय ने बताया कि चुनाव आयोग के मतदाता सेवा पोर्टल और ईसीआईएनईटी मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से भी ऑनलाइन आवेदन जमा किए जा सकते हैं।

नए नाम के लिए फॉर्म-6 भरने वाले मतदाताओं को निर्धारित घोषणा पत्र और आवश्यक दस्तावेज भी जमा करने होंगे। दावे और आपत्तियों की अवधि 30 सितंबर को समाप्त होने के बाद प्रक्रिया पूरी कर अंतिम मतदाता सूची 4 नवंबर को प्रकाशित की जाएगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / माधवी त्रिपाठी