दिल्ली से उप्र तक फैला साइबर ठगी गिरोह ध्वस्त, आठ आरोपित गिरफ्तार

 


नई दिल्ली, 13 जनवरी (हि.स.)। पूर्वी जिला पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दिल्ली से मुरादाबाद और बरेली (उप्र) तक फैले एक संगठित साइबर अपराध गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस संबंध में पुलिस ने आठ आरोपितों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपितों के कब्जे से 4.70 लाख रुपये नकद, 14 मोबाइल फोन, 20 सिम कार्ड और 7 बैंक डेबिट कार्ड बरामद किए हैं। जांच में कुल 85 म्यूल बैंक खातों का पता चला है, जिनसे जुड़े देशभर में 600 से अधिक एनसीआरपी शिकायतें सामने आई हैं। अब तक करीब 15 करोड़ रुपये के संदिग्ध लेनदेन का खुलासा हो चुका है।

पुलिस के अनुसार यह कार्रवाई पांडव नगर थाने में दर्ज साइबर ठगी के एक मामले की जांच के दौरान की गई। तमिलनाडु की एक महिला पीड़िता की शिकायत पर एक म्यूल बैंक खाते की जानकारी मिली थी, जिसमें धोखाधड़ी से रकम ट्रांसफर की गई थी। जांच में सामने आया कि आरोपित मोहम्मद वसीम के नाम पर कई बैंक खातों का इस्तेमाल साइबर ठगी के लिए किया जा रहा था। इसके बाद मामला दर्ज कर विशेष टीम गठित की गई।

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पुलिस अधिकारी के अनुसार जिले की स्पेशल स्टाफ की टीम ने बैंक खातों, इंटरनेट बैंकिंग लॉग, आईपी एड्रेस और मोबाइल डिवाइस का गहन विश्लेषण किया। जांच में यह स्पष्ट हुआ कि आरोपित व्हाट्सएप और टेलीग्राम के जरिए म्यूल बैंक खातों, लॉग-इन आईडी, पासवर्ड, एपीके फाइल और क्रिप्टो वॉलेट आईडी साझा करते थे। गिरोह के तार चीन आधारित साइबर ऑपरेटरों से जुड़े पाए गए, जो इन खातों पर पूरा नियंत्रण हासिल कर ठगी की रकम को कई लेयर में ट्रांसफर करते थे।

पुलिस के मुताबिक आरोपित म्यूल खातों से जुड़े मोबाइल में विशेष एपीके फाइल इंस्टॉल कराते थे, जिससे ओटीपी सीधे विदेशी ऑपरेटरों तक पहुंच जाता था। इसके बाद ठगी की रकम तुरंत अन्य खातों में भेज दी जाती थी और अंत में क्रिप्टोकरेंसी में बदल दी जाती थी। आरोपित अपनी कमीशन राशि भी यूएसडीटी के रूप में प्राप्त करते थे।

पुलिस अधिकारी के अनुसार गिरफ्तार किए गए आरोपितों की पहचान वसीम, तोसीन मलिक, साबिर, फरकान उर्फ डॉ. शिनू, साहिबे आलम, मोहम्मद जावेद, मोहम्मद राजा कादरी और नूर मोहम्मद के रूप में हैं। आरोपित अलग-अलग राज्यों में रहकर बैंक खाते जुटाने, उन्हें साझा करने और ठगी की रकम को क्रिप्टो में बदलने का काम कर रहे थे।

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हिन्दुस्थान समाचार / कुमार अश्वनी