डीयू कुलपति ने सत्य निकेतन हादसे पर जताई संवेदना, प्रिंसिपलों को नए हॉस्टल बनाने के निर्देश दिए

 


नई दिल्ली, 07 सितंबर (हि.स.)। दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) के कुलपति प्रो. योगेश सिंह ने दक्षिणी परिसर के निकट सत्य निकेतन में रविवार को एक पीजी हॉस्टल की पांच मंचिला इमारत के गिरने के हादसे पर शोक व्यक्त किया।

कुलपति प्रो. योगेश सिंह ने सोमवार को प्रिंसिपलों की मीटिंग भी बुलाई और दुर्घटना में मृत विद्यार्थियों के प्रति संवेदना प्रकट की। कुलपति ने कहा कि बच्चों की जान का नुकसान दिल्ली विश्वविद्यालय के लिए बहुत बड़ी क्षति है। यह घटना सबको झकझोरने वाली है।

प्रो. योगेश सिंह ने कहा कि इस दुर्घटना में कुछ विद्यार्थियों की जान चली गई और कुछ को गंभीर चोटें आई हैं। उन्होंने पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदनाएं जताते हुए कहा कि दिल्ली विश्वविद्यालय हादसे के पीड़ितों की हर संभव मदद के लिए खड़ा है।

कुलपति ने सभी प्रिंसिपलों से अपील की कि भविष्य में ऐसी घटना न हो इसके लिए निर्णय लेने की जरूरत हैं। इसके लिए जो भी प्रयास विश्वविद्यालय और महाविद्यालयों की ओर से किए जा सकते हैं, हमें वो करने चाहिएं।

कुलपति ने सभी प्रिंसिपलों से अपील की कि वे अपने-अपने कॉलेज में विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध आवासीय सुविधाओं की समीक्षा करें। मौजूदा छात्रावासों के साथ अगर उनके यहां कोई छात्रावास निर्माणाधीन है तो कोशिश करें कि उसे शीघ्रता से पूरा किया जाए और वह जल्दी से जल्दी विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध हो। सभी प्रिंसिपल अपने-अपने कॉलेजों में नए छात्रावासों के निर्माण की भी संभावनाएं तलाशें। संभावनाएं हैं, तो जल्द से जल्द उसके लिए योजना तैयार करें। इसके लिए उपलब्ध स्थान, सरकारी योजनाओं और संभावित सभी आवश्यकताओं व योजनाओं का आकलन करके नए छात्रावास निर्माण का कार्य शुरू करें।

प्रो. योगेश सिंह ने कहा कि दिल्ली विश्वविद्यालय विद्यार्थियों की हर संभव मदद के लिए खड़ा है।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / माधवी त्रिपाठी