पुलिसिया कार्रवाई के विरोध में एनएसयूआई का मार्च, कुलपति से सार्वजनिक माफी की मांग

 




नई दिल्ली, 01 अगस्त (हि.स.)। दिल्ली विश्वविद्यालय में छात्रों के कथित पुलिसिया उत्पीड़न और दुर्व्यवहार के विरोध में शनिवार को भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआई) के हजारों कार्यकर्ताओं और छात्रों ने विरोध मार्च निकाला। मार्च आर्ट्स फैकल्टी के गेट नंबर-4 से शुरू हुआ, जिसमें प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार और विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की।

प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन पर छात्रों को डराने-धमकाने और पुलिसिया कार्रवाई के जरिए उनकी आवाज दबाने का आरोप लगाया। प्रदर्शनकारियों ने दिल्ली विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. योगेश सिंह से इस मामले में सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की।

एनएसयूआई के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी रवि पांडे ने कहा कि विश्वविद्यालय लोकतांत्रिक संवाद और असहमति का मंच है, न कि ऐसा स्थान जहां छात्रों को पुलिस के जरिए डराया जाए। उन्होंने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय प्रशासन छात्रों के साथ हो रहे कथित दुर्व्यवहार पर मौन है और कुलपति को इसकी जिम्मेदारी लेते हुए छात्रों से माफी मांगनी चाहिए।

रवि पांडे ने कहा कि छात्र शांतिपूर्ण ढंग से विरोध और सवाल पूछने के अपने लोकतांत्रिक अधिकार का इस्तेमाल करते रहेंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिसिया कार्रवाई के जरिए छात्रों की आवाज दबाने की कोशिश की जा रही है, लेकिन एनएसयूआई छात्रों के अधिकारों की लड़ाई जारी रखेगी।

प्रदर्शन के दौरान एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने विश्वविद्यालय प्रशासन से जवाबदेही तय करने और छात्रों के खिलाफ कथित पुलिसिया कार्रवाई व डराने-धमकाने की घटनाओं को तत्काल रोकने की मांग की। संगठन ने कहा कि वह छात्रों के लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए आगे भी आंदोलन जारी रखेगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / माधवी त्रिपाठी