डीयू के एलसी-1 में चुनावी सरगर्मी तेज, सचिव पद पर यशवंत मिश्रा और अरशद आमने-सामने
नई दिल्ली, 15 सितंबर (हि.स.)। दिल्ली विश्वविद्यालय में छात्र संघ चुनाव की सरगर्मी बढ़ने के साथ ही लॉ सेंटर-1 (एलसी-1) में भी चुनावी माहौल गरमा गया है। उत्तर परिसर स्थित उमंग भवन और आसपास के क्षेत्रों में प्रत्याशियों का जनसंपर्क अभियान तेज हो गया है। अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और सचिव पद के प्रत्याशी छात्रों के बीच पहुंचकर अपनी प्राथमिकताएं और मुद्दे रख रहे हैं। हालांकि, सचिव पद के लिए यशवंत मिश्रा और अरशद के बीच मुकाबला छात्रों के बीच विशेष चर्चा का विषय बना हुआ है।
एलसी-1 में अध्यक्ष पद के लिए उमंग पाठक और तुषार कुशवाहा के बीच मुकाबला है, जबकि उपाध्यक्ष पद पर शिवम गौतम और निशांत राणा अपनी दावेदारी पेश कर रहे हैं। वहीं सचिव पद पर यशवंत मिश्रा और अरशद आमने-सामने हैं।
यशवंत मिश्रा अपने प्रचार अभियान में छात्र हितों से जुड़े बुनियादी और व्यावहारिक मुद्दों को प्रमुखता दे रहे हैं। उनका कहना है कि विधि के विद्यार्थियों के सामने समय की कमी और शैक्षणिक दबाव के साथ-साथ इंटर्नशिप, प्लेसमेंट, पुस्तकालय, पेयजल और अन्य सुविधाओं से जुड़ी चुनौतियां भी हैं। ऐसे में छात्र प्रतिनिधि की भूमिका केवल भाषण देने तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि परिसर की समस्याओं के समाधान के लिए प्रशासन के साथ लगातार संवाद करना भी जरूरी है।
यशवंत मिश्रा के प्रमुख चुनावी मुद्दों में प्लेसमेंट और इंटर्नशिप सेल का पुनर्गठन शामिल है। उनका कहना है कि विधि के विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ अदालतों, कॉरपोरेट लॉ फर्मों और अन्य कानूनी संस्थानों में व्यावहारिक अनुभव की आवश्यकता होती है। उन्होंने सचिव चुने जाने पर पारदर्शी और प्रभावी करियर एवं प्लेसमेंट सेल के गठन की दिशा में काम करने का भरोसा दिलाया है।
इसके अलावा एलसी-1 के उमंग भवन में पेयजल की गुणवत्ता का मुद्दा भी उनके एजेंडे में शामिल है। उन्होंने वॉटर कूलरों के पानी की नियमित जांच कराने और आधुनिक आरओ प्रणाली उपलब्ध कराने की बात कही है। परिसर में हाई-स्पीड वाई-फाई सुविधा को मजबूत करना भी उनकी प्राथमिकताओं में है।
कैंटीन की व्यवस्था में सुधार को लेकर भी यशवंत मिश्रा ने छात्रों के बीच अपनी बात रखी है। उन्होंने कैंटीन में स्वच्छ भोजन, उचित दर और पर्याप्त बैठने की व्यवस्था सुनिश्चित करने की बात कही है। इसके साथ ही पुस्तकालय के समय में विस्तार, देर रात अध्ययन करने वाले विद्यार्थियों की सुरक्षा और मूठ कोर्ट प्रतियोगिताओं के लिए वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने को भी अपने एजेंडे में शामिल किया है।
वहीं सचिव पद के दूसरे प्रत्याशी अरशद भी छात्र एकता और प्रशासनिक जवाबदेही के मुद्दों को लेकर विद्यार्थियों से संपर्क कर रहे हैं। अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद के प्रत्याशी भी लगातार प्रचार अभियान में जुटे हैं।
चुनाव प्रचार के अंतिम दौर में एलसी-1 में छात्र सुविधाओं और शैक्षणिक आवश्यकताओं से जुड़े मुद्दे प्रमुखता से उठ रहे हैं। अब चुनाव में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि विद्यार्थी किन मुद्दों और किस प्रत्याशी के पक्ष में अपना समर्थन व्यक्त करते हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / माधवी त्रिपाठी