डीयू एग्जामिनेशन ब्रांच में विद्यार्थियों और पेपरों की संख्या में रिकॉर्ड बढ़ोतरी
नई दिल्ली, 01 जनवरी (हि.स.)। दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) के एग्जामिनेशन विंग में पिछले साल में विद्यार्थियों और पेपरों की संख्या में रिकार्ड बढ़ोतरी हुई है। उसके बावजूद एग्जामिनेशन विंग ने परीक्षाओं का सफल संचालन किया।
डीयू के परीक्षा नियंत्रक प्रो. गुरप्रीत सिंह टुटेजा ने गुरुवार को एक बयान में कहा कि एग्जामिनेशन विंग को अपनी कामयाबियों, खासकर नेशनल एजुकेशन पॉलिसी (एनईपी) के तहत दिल्ली विश्वविद्यालय के सेमेस्टर एग्जाम सफलतापूर्वक कराने पर गर्व है। स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग समेत लगभग 90 कॉलेजों में 7 लाख से ज़्यादा विद्यार्थियों के लिए परीक्षाएं कराई गई। इनमें 10 हजार से ज्यादा शिक्षकों की सक्रिय भागीदारी से लगभग 15000 प्रश्न पत्र तैयार किए गए।
प्रो. टुटेजा ने बताया कि हाल के वर्षों में दिल्ली विश्वविद्यालय की एग्जामिनेशन ब्रांच के ऑपरेशनल स्केल में काफी बढ़ोतरी हुई है, जो विश्वविद्यालय के बढ़ते एकेडमिक फुटप्रिंट और असेसमेंट सिस्टम की बढ़ती कॉम्प्लेक्सिटी को दिखाता है। अकादमिक वर्ष 2021–22 से 2025–26 तक के ऑफिशियल डेटा और हाल के एग्जामिनेशन सेशन स्टूडेंट पार्टिसिपेशन, क्वेश्चन पेपर और सेशनल वर्क लोड में लगातार बढ़ोतरी दिखाते हैं।
उन्होंने बताया कि नवंबर-दिसंबर 2025 सत्र के दौरान एक ही सत्र में आयोजित प्रश्न पत्रों की अधिकतम संख्या 941 पर पहुंच गई, जबकि नवंबर-दिसंबर 2024 में यह 228 थी। इसी तरह, एक सत्र में परीक्षा देने वाले छात्रों की अधिकतम संख्या एक वर्ष के भीतर 69,808 से बढ़कर 86,000 हो गई। ये आंकड़े एक ही सत्र में विश्वविद्यालय की परीक्षा प्रणाली द्वारा संभाले गए अब तक के सबसे अधिक कार्यभार को दर्शाते हैं।
मई-जून 2025 और नवंबर-दिसंबर 2025 के तुलनात्मक डेटा प्रस्तुत करते हुए प्रो. गुरप्रीत सिंह टुटेजा ने बताया कि नवंबर-दिसंबर 2025 सत्र में कई दिनों में प्रतिदिन 800 से अधिक प्रश्न पत्र दर्ज किए गए, जिसमें एक दिन का अधिकतम स्तर 941 प्रश्नपत्र थे, जो पिछले सत्रों के संबंधित आंकड़ों से कहीं अधिक था। इस तरह के शिखर शेड्यूलिंग, पेपर वितरण, मूल्यांकन और परिणाम प्रसंस्करण में आवश्यक बढ़े हुए तार्किक समन्वय की ओर इशारा करते हैं। ये ट्रेंड्स बताते हैं कि हायर एजुकेशन में तेज़ी से हो रहे बदलाव के समय में, भारत के सबसे बड़े यूनिवर्सिटी एग्जामिनेशन सिस्टम में से एक की क्रेडिबिलिटी, एफिशिएंसी और इंटीग्रिटी पक्का करने में एग्जामिनेशन ब्रांच की सेंट्रल भूमिका क्या है।
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हिन्दुस्थान समाचार / माधवी त्रिपाठी