डीयू सीआईपीएस में हुई ‘द स्टोरी ऑफ़ इंडियाज पार्टिशन’ पुस्तक पर चर्चा

 


नई दिल्ली, 28 अक्टूबर (हि.स.)। दिल्ली विश्वविद्यालय के सेंटर फॉर इंडिपेंडेंस एंड पार्टिशन स्टडीज (सीआईपीएस) तथा ‘हेरिटेज: द हिस्ट्री एसोसिएशन, जानकी देवी मेमोरियल कॉलेज’ के संयुक्त तत्त्वावधान में प्रो. राघवेंद्र तंवर द्वारा लिखित “द स्टोरी ऑफ इंडियाज पार्टिशन” पर एक विशेष पुस्तक चर्चा आयोजित की गई।

आईक्यूएसी के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम के आरंभ में जेडीएमसी कॉलेज की प्राचार्य प्रो. स्वाति पाल ने स्वागत भाषण दिया।

इस अवसर पर सीआईपीएस के निदेशक प्रो. रविंदर कुमार ने प्रारम्भिक टिप्पणी प्रस्तुत की। सत्र की अध्यक्षता प्रो. रवि प्रकाश टेकचंदानी ने की और प्रो. अमृत कौर बसरा चर्चा-संवाद की विशेषज्ञ रहीं।

प्रो. टेकचंदानी ने अपने संबोधन के दौरान पुस्तक के संदर्भ से रेखांकित किया कि विभाजन का इतिहास आज भी क्यों प्रासंगिक है। उन्होंने श्रोताओं का ध्यान उन नए शोध प्रश्नों की ओर भी आकर्षित किया जिन्हें इतिहासकार आगे लेकर चल सकते हैं। उन्होंने विभाजन के दौरान हुई भीषण हत्याओं और सांप्रदायिक दंगों को भी रेखांकित किया।

चर्चा-संवाद विशेषज्ञ प्रो. अमृत कौर बसरा ने श्रोताओं को यह समझने में मदद की कि विभाजन के दौरान कैसे, कब और क्या-क्या घटित हुआ। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि विस्थापन और पलायन किस प्रकार हुआ तथा इस समूची प्रक्रिया में स्त्रियां किस तरह उसकी सबसे बड़ी पीड़ित बनीं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सबाल्टर्न स्टडीज में इन इतिहासों को भी समुचित स्थान दिया जाना चाहिए।

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हिन्दुस्थान समाचार / माधवी त्रिपाठी