आधी रात को ब्लू लाइन पर निकले डीएमआरसी के एमडी, स्टेशनों पर विकास कार्यों का लिया जायजा

 


नई दिल्ली, 11 जुलाई (हि.स.)। दिल्ली मेट्रो की ब्लू लाइन पर यात्रियों की सुविधाओं को और बेहतर बनाने के लिए चल रहे विकास कार्यों का जायजा लेने के लिए दिल्ली मेट्रो रेल निगम (डीएमआरसी) के प्रबंध निदेशक डॉ. विकास कुमार शुक्रवार और शनिवार की दरम्यानी रात अचानक निरीक्षण पर निकल पड़े। उन्होंने आधी रात से सुबह पांच बजे तक द्वारका सेक्टर-21 से नोएडा सिटी सेंटर तक कई प्रमुख मेट्रो स्टेशनों का दौरा कर चल रहे निर्माण और आधुनिकीकरण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। इस दौरान अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि विकास कार्यों के दौरान यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।

डीएमआरसी के अनुसार, रात्रिकालीन निरीक्षण शुक्रवार रात 12 बजे द्वारका सेक्टर-21 मेट्रो स्टेशन से शुरू हुआ। इसके बाद डॉ. विकास कुमार ने द्वारका सेक्टर-14, द्वारका मोड़, राजौरी गार्डन, करोल बाग, आर.के. आश्रम, इंद्रप्रस्थ और नोएडा सिटी सेंटर सहित ब्लू लाइन के कई प्रमुख स्टेशनों का निरीक्षण किया। सुबह करीब पांच बजे निरीक्षण समाप्त हुआ।

निरीक्षण के दौरान उन्होंने स्टेशनों पर चल रहे री-मॉडलिंग कार्य, नए एस्केलेटर लगाने, ऑटोमेटिक फेयर कलेक्शन (एएफसी) गेट के पुनर्संरेखण (रियलाइनमेंट) और अन्य यात्री सुविधाओं से जुड़े कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि सभी परियोजनाएं तय समय सीमा के भीतर उच्च गुणवत्ता के साथ पूरी हों और काम के दौरान यात्रियों को कम से कम असुविधा हो। डॉ. विकास कुमार ने कहा कि दिल्ली मेट्रो की प्राथमिकता केवल सेवाओं का विस्तार करना नहीं, बल्कि मौजूदा नेटवर्क पर यात्रियों को बेहतर और सुरक्षित सुविधाएं उपलब्ध कराना भी है। उन्होंने निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से किसी भी तरह का समझौता नहीं करने और सुरक्षा मानकों का पूरी तरह पालन करने के निर्देश दिए।

डीएमआरसी अधिकारियों ने बताया कि परिचालन वाली मेट्रो लाइनों पर अधिकांश रखरखाव और बुनियादी ढांचे से जुड़े कार्य केवल रात के समय किए जाते हैं, जब मेट्रो सेवाएं बंद रहती हैं। इससे दिन में लाखों यात्रियों की आवाजाही प्रभावित नहीं होती और नियमित सेवाएं बिना किसी व्यवधान के जारी रहती हैं।

डीएमआरसी का कहना है कि इस तरह के रात्रिकालीन निरीक्षण नियमित रूप से किए जाते हैं, ताकि विकास कार्यों की गुणवत्ता, प्रगति और समयबद्धता की निगरानी की जा सके तथा यात्रियों को विश्वस्तरीय, सुरक्षित और सुविधाजनक मेट्रो सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें।

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हिन्दुस्थान समाचार / कुमार अश्वनी