(लीड) दिल्ली में 1,900 किलोमीटर नालों की हुई सफाई, 30.91 लाख मीट्रिक टन गाद हटाई गई
नई दिल्ली, 24 जून (हि.स.)। दिल्ली में आगामी मानसून को देखते हुए तैयारियों को और तेज कर दिया गया है। इसी क्रम में लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने बुधवार को मोती नगर विधानसभा क्षेत्र में चल रहे डी-सिल्टिंग कार्यों का निरीक्षण किया तथा राजधानी में चल रही मानसून पूर्व तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने बताया कि दिल्ली में 1,900 किलोमीटर नालों की सफाई पूरी की गई और इस वर्ष 30.91 लाख मीट्रिक टन गाद हटाई है।
मंत्री ने बताया कि समीक्षा के दौरान लोक निर्माण विभाग और सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग द्वारा किए गए कार्यों में उल्लेखनीय प्रगति सामने आई। पीडब्ल्यूडी ने नालों की डी-सिल्टिंग का लगभग 90 प्रतिशत कार्य पूरा किया। पीडब्ल्यूडी की नवीनतम प्रगति रिपोर्ट के अनुसार विभाग ने कुल 2,125.87 किलोमीटर लंबे नालों में से 1,900.15 किलोमीटर नालों की डी-सिल्टिंग पूरी कर ली है, जो कुल लक्ष्य का 89.38 प्रतिशत है। उन्होंने बताया कि
सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग ने पिछले वर्ष लगभग 19 लाख मीट्रिक टन गाद हटाई थी, जबकि इस वर्ष यह आंकड़ा बढ़कर 30,91,242 मीट्रिक टन तक पहुंच गया है।
मंत्री ने बताया कि 21 प्रमुख नालों से 2,84,655 मीट्रिक टन गाद हटाई गई। केवल नजफगढ़ ड्रेन से 12,77,172 मीट्रिक टन गाद निकाली गई। कुल 22 प्रमुख नालों से 15,61,827 मीट्रिक टन गाद हटाई गई। 55 सहायक नालों से 15,29,415 मीट्रिक टन गाद निकाली गई। कुल मिलाकर 30.91 लाख मीट्रिक टन गाद हटाने का कार्य पूरा किया गया है, जिससे जल निकासी क्षमता में उल्लेखनीय सुधार होगा।
मंत्री ने कहा कि रखरखाव अनुबंध होने के बावजूद कार्यों की वास्तविक स्थिति का आकलन केवल जमीनी स्तर पर जाकर ही किया जा सकता है। आज पूरे दिल्ली में हमारे वरिष्ठ अधिकारी, मुख्य अभियंता और फील्ड टीमें मानसून से पहले सड़कों और नालों का निरीक्षण कर रही हैं। हमारे पास दो वर्षीय रनिंग मेंटेनेंस कॉन्ट्रैक्ट हैं, लेकिन कार्य की वास्तविक स्थिति का आकलन केवल मौके पर जाकर ही किया जा सकता है। इसलिए आज अधिकारी विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में निरीक्षण कर रहे हैं। अगले 10 से 15 दिनों में दिल्ली की सभी 70 विधानसभा क्षेत्रों का निरीक्षण किया जाएगा।
मंत्री ने कहा कि हर नाले, हर सड़क और हर संवेदनशील स्थान की समीक्षा की जा रही है। जहां भी कमियां पाई जाएंगी, वहां तुरंत सुधारात्मक कार्रवाई की जाएगी। गुणवत्ता और तैयारी के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार संकट आने के बाद प्रतिक्रिया देने के बजाय पहले से तैयारी करने की नीति पर काम कर रही है। इसके तहत लगातार निगरानी, विभागों के बीच समन्वय और फील्ड स्तर पर निरीक्षण सुनिश्चित किए जा रहे हैं ताकि मानसून के दौरान नागरिकों को न्यूनतम असुविधा हो।
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हिन्दुस्थान समाचार / धीरेन्द्र यादव