दिल्ली विधानसभा ने कश्मीर युवा विनिमय कार्यक्रम के तहत जम्मू-कश्मीर के 110 छात्रों का किया स्वागत
नई दिल्ली, 25 मार्च (हि.स.)। कश्मीर युवा विनिमय कार्यक्रम के तहत जम्मू-कश्मीर के 110 युवा प्रतिभागियों की इस सदन में उपस्थिति, हमारे देश के युवाओं को लोकतांत्रिक संस्थाओं के कामकाज से जोड़ने की दिशा में एक सार्थक कदम है। यह हम सदस्यों को अपने आचरण में गरिमा, अनुशासन और जिम्मेदारी की भावना बनाए रखने की याद दिलाता है, दिल्ली विधानसभा के अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने आज सदन को संबोधित करते हुए यह विचार व्यक्त किए।
दिल्ली विधानसभा ने आज भारत सरकार के युवा मामले और खेल मंत्रालय की पहल और 'माय भारत' के सहयोग से आयोजित केवाईईपी 2025–26 के तहत अनंतनाग, बडगाम, बारामूला, कुपवाड़ा, बांदीपोरा, श्रीनगर और पुलवामा सहित सात जिलों के छात्रों का स्वागत किया।
विधानसभा अध्यक्ष ने आगे कहा कि इन युवाओं की उपस्थिति सदन के सभी सदस्यों को इसकी गरिमा, मर्यादा और संसदीय आचरण के उच्चतम मानकों को बनाए रखने की उनकी निरंतर जिम्मेदारी की याद दिलाती है।
इस अवसर पर सदन में वीर विट्ठल भाई पटेल पर एक डॉक्यूमेंट्री फिल्म भी दिखाई गई, जिसमें पद्म भूषण अनुपम खेर ने अपनी आवाज दी है। इस फिल्म के माध्यम से आगंतुक छात्रों को भारत की संसदीय विरासत में पटेल के स्थायी योगदान की सूक्ष्म समझ प्राप्त हुई। इसके बाद, विधानसभा अध्यक्ष ने छात्रों को संबोधित करते हुए उन्हें दिल्ली विधानसभा के कामकाज, इतिहास और संस्थागत महत्व से अवगत कराया। उन्होंने छात्रों के साथ विचार-विमर्श किया, जिससे उनमें लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं और विधायी जिम्मेदारियों के प्रति गहरी समझ विकसित हो सके।
गुप्ता ने कहा कि इस तरह की पहल युवाओं को शासन के व्यावहारिक अनुभव से रूबरू कराकर संस्थाओं और युवा नागरिकों के बीच संबंधों को गहरा करती है। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि विधायी प्रक्रियाओं का प्रारंभिक अनुभव न केवल युवाओं में जागरूक भागीदारी को बढ़ावा देता है, बल्कि उनमें संवैधानिक जिम्मेदारी की स्थायी भावना भी पैदा करता है।
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हिन्दुस्थान समाचार / धीरेन्द्र यादव