बजट सत्र के लिए दिल्ली विधानसभा तैयार, 24 को पेश होगा सरकार का वार्षिक बजट : विजेंद्र गुप्ता
नई दिल्ली, 21 मार्च (हि.स.)। दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने शनिवार को आठवीं विधानसभा के चौथे सत्र के दूसरे भाग (बजट सत्र) की तैयारियों की समीक्षा करते हुए कहा कि आगामी बजट सत्र संसदीय परंपराओं की श्रेष्ठता का प्रतीक होना चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि सदन की गरिमा बनाए रखना और सार्थक चर्चा सुनिश्चित करना सभी की साझा जिम्मेदारी है। 23 मार्च से 25 मार्च तक चलने वाले इस सत्र के लिए अध्यक्ष ने सदन के भीतर परिचालन और प्रक्रियात्मक पहलुओं का व्यापक निरीक्षण किया, ताकि कार्यवाही सुचारू और व्यवस्थित ढंग से संचालित की जा सके।
विजेंद्र गुप्ता ने आज एक विज्ञप्ति जारी कर बताया कि सत्र की तैयारियों के बीच तकनीकी आधुनिकीकरण पर विशेष ध्यान दिया गया है। विधायी कार्यों को डिजिटल बनाने की दिशा में सभी सदस्यों की मेजों पर टैबलेट लगाए गए हैं, जिससे उन्हें सदन की कार्यवाही, आधिकारिक दस्तावेजों और विधायी कार्यों तक वास्तविक समय (रियल-टाइम) में पहुंच प्राप्त होगी। इसके साथ ही सदन के राष्ट्रीय चरित्र को और मजबूती देने के लिए सत्र की शुरुआत में एक प्रख्यात गायक द्वारा 'वंदे मातरम' का पूर्ण गायन लाइव गाया जाएगा। इस दौरान सदन की स्क्रीन पर भी वंदेमातरम गीत की पंक्तियां प्रदर्शित की जाएगी ताकि राष्ट्रीय भावना और सामूहिक चिंतन का वातावरण निर्मित हो सके।
दिल्ली विधानसभा देश की पहली ऐसी विधानसभा बनने जा रही है जो सदस्यों की सहायता के लिए अपना इन-हाउस एआई-सक्षम चैटबॉट 'विधान साथी' पेश करेगी। यह एआई प्लेटफॉर्म सदस्यों के लिए एक समर्पित विधायी अनुसंधान सहायक के रूप में कार्य करेगा, जो विधेयकों, अधिनियमों और नीतिगत मामलों के विश्लेषण में डेटा-आधारित सटीक जानकारी प्रदान करेगा। इस तकनीक के माध्यम से सदस्य विधायी कार्यों में अधिक स्पष्टता और गहराई के साथ भाग ले सकेंगे, जो भारतीय विधायी इतिहास में एक मील का पत्थर साबित होगा।
इस महत्वपूर्ण सत्र का मुख्य आकर्षण 24 मार्च को प्रस्तुत होने वाला वार्षिक बजट होगा। यह सत्र राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली के शासन और विकास की दिशा तय करने वाले महत्वपूर्ण वित्तीय और नीतिगत निर्णयों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
विजेंद्र गुप्ता ने सुरक्षा, विधायी और तकनीकी टीमों के बीच बेहतर तालमेल सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं ताकि लोकतंत्र के इस मंदिर में चर्चा का स्तर उच्चतम बना रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / धीरेन्द्र यादव