पानी के गलत बिलों और सीवर कनेक्टिविटी को लेकर जल बोर्ड का व्यापक सुधार अभियान होगा शुरू : प्रवेश साहिब सिंह
नई दिल्ली, 19 मार्च (हि.स.)। दिल्ली के नागरिकों को वर्षों से परेशान कर रही पानी और सीवर से जुड़ी समस्याओं के समाधान की दिशा में एक बड़ा और निर्णायक कदम उठाते दिल्ली जल बोर्ड (डीजेबी) ने जल मंत्री प्रवेश साहिब सिंह की अध्यक्षता में कई परियोजनाओं को मंजूरी दी है। इन फैसलों का उद्देश्य लोगों की गलत पानी के बिल, खराब मीटर और सीवर कनेक्टिविटी की कमी की दिक्कतों को खत्म करना है।
मंत्री ने बताया कि पानी के बिलों को लेकर बढ़ती शिकायतों को ध्यान में रखते हुए दिल्ली जल बोर्ड ने करीब 35 लाख उपभोक्ताओं के लिए घर-घर जाकर ई-केवाईसी और डिजिटल डेटा अपडेट का बड़ा अभियान शुरू करने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि करीब 60 करोड़ की लागत से शुरू हो रहे इस अभियान के तहत फोटो के साथ तकनीक आधारित मीटर रीडिंग, सटीकता सुनिश्चित करने के लिए जीपीएस टैगिंग औ प्रूफ ऑफ डिलीवरी के साथ समय पर बिल वितरण जैसी व्यवस्थाएं लागू की जाएंगी।
प्रवेश साहिब सिंह ने कहा कि दिल्ली के लोग अपने पानी के बिल भरना चाहते हैं और अपनी जिम्मेदारी निभाना चाहते हैं। समस्या तब होती है जब अचानक अत्यधिक बिल आ जाता है, मीटर काम नहीं करता या बिल समय पर घर तक नहीं पहुंचता। ये केवल तकनीकी खामियां नहीं हैं, बल्कि लोगों की रोज़मर्रा की जिंदगी को प्रभावित करने वाली गंभीर समस्याएं हैं। हमारा प्रयास इन सभी कमियों को जमीनी स्तर पर दूर कर एक पारदर्शी और भरोसेमंद व्यवस्था स्थापित करना है। उन्होंने यह भी कहा कि अगले 6 महीनों में हर उपभोक्ता का डिजिटल रिकॉर्ड सत्यापित किया जाएगा, जिससे विवादों में कमी आएगी और सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार होगा।
मंत्री ने बताया कि किराड़ी और आसपास के क्षेत्रों में रहने वाले लाखों लोगों को राहत देते हुए दिल्ली जल बोर्ड ने बड़े पैमाने पर हाउस सर्विस सीवर कनेक्शन (एचएसएससी) को मंजूरी दी है। इस परियोजना के तहत प्रताप विहार कैचमेंट: 4.30 लाख लोग (72 कॉलोनियां), प्रेम नगर कैचमेंट: 1.45 लाख लोग (30 कॉलोनियां) और भाग्य विहार कैचमेंट: 1.5 लाख लोग (11 कॉलोनियां और 3 गांव) को सीधा लाभ मिलेगा।
प्रवेश साहिब सिंह ने कहा कि यमुना नदी को साफ करने के लिए दिल्ली जल बोर्ड ने प्रदूषण को उसके स्रोत पर ही रोकने की दिशा में महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं। इसके तहत 71.12 करोड़ की लागत से दिल्ली गेट नाले में इन-सीटू वेस्टवॉटर ट्रीटमेंट परियोजना, वजूराबाद बैराज के ऊपर स्थित पोंडेज एरिया का पुनर्जीवन को मंजूरी दी गई है। इन पहलों का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि बिना ट्रीट किया गया सीवेज यमुना में जाने से पहले ही रोका जाए जिससे नदी की सफाई को स्थायी और प्रभावी बनाया जा सके।
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हिन्दुस्थान समाचार / धीरेन्द्र यादव