दिल्ली विधानसभा 14 और 15 अगस्त को आम लोगों के लिए खुलेगी, सुरक्षा बलों के बैंड की होगी संगीतमय प्रस्तुति
नई दिल्ली, 13 अगस्त (हि.स.)। दिल्ली विधानसभा का भवन व परिसर देश के 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर 14 और 15 अगस्त को आम नागरिकों के लिए खुला रहेगा। नागरिक इन दोनों दिनों में शाम 5:00 बजे से रात 8:00 बजे तक विधानसभा परिसर में प्रवेश कर इसके गौरवशाली इतिहास, विरासत और लोकतांत्रिक परंपराओं से परिचित हो सकेंगे। इसके लिए किसी पूर्व पंजीकरण की आवश्यकता नहीं होगी। विधानसभा परिसर में प्रवेश के लिए प्रत्येक आगंतुक को आधार कार्ड अथवा अन्य वैध पहचान-पत्र साथ लाना अनिवार्य होगा।
स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान इतिहास, संस्कृति और जनभागीदारी का विशेष संगम देखने को मिलेगा। सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) बैंड एवं केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) बैंड देशभक्ति से ओत-प्रोत संगीतमय प्रस्तुतियां देंगे। वहीं साहित्य कला परिषद द्वारा भारत की समृद्ध सांस्कृतिक एवं कलात्मक विरासत को प्रदर्शित करने वाले विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए जाएंगे। समारोह के अवसर पर ऐतिहासिक दिल्ली विधानसभा भवन को शाम के समय तिरंगे की रोशनी से विशेष रूप से सजाया और प्रकाशित किया जाएगा।
इस अवसर पर दिल्ली विधानसभा के अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता, उपाध्यक्ष मोहन सिंह बिष्ट, विधानसभा के सदस्य तथा अन्य विशिष्ट अतिथि उपस्थित रहेंगे।
विजेंद्र गुप्ता ने गुरुवार को कहा कि स्वतंत्रता दिवस महान स्वतंत्रता सेनानियों और देशभक्तों के बलिदान को स्मरण करने के साथ-साथ नागरिकों को लोकतांत्रिक संस्थाओं से जोड़ने का भी अवसर है। उन्होंने कहा कि दिल्ली विधानसभा के द्वार जनता के लिए खोलना इस मूल भावना का प्रतीक है कि लोकतांत्रिक संस्थाएं अंततः उसी जनता की हैं, जिसकी सेवा के लिए उनका गठन हुआ है। आम नागरिकों को ऐतिहासिक विधानसभा भवन तथा परिसर में स्थित महत्वपूर्ण विरासत स्थलों को देखने और दिल्ली के विधायी एवं लोकतांत्रिक इतिहास में विधानसभा की भूमिका को समझने का अवसर मिलेगा। उन्होंने कहा कि इस पहल का उद्देश्य विशेष रूप से युवाओं को भारत की लोकतांत्रिक परंपराओं, संस्थाओं और उन संवैधानिक मूल्यों से जोड़ना है, जिन्होंने देश की लोकतांत्रिक यात्रा को दिशा प्रदान की है।
विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि बीएसएफ एवं सीआरपीएफ बैंड की देशभक्ति से परिपूर्ण प्रस्तुतियां तथा साहित्य कला परिषद के सांस्कृतिक कार्यक्रम समारोह में विशेष आकर्षण का केंद्र होंगे। इनके माध्यम से राष्ट्रभक्ति, राष्ट्रीय एकता और भारत की विविधतापूर्ण सांस्कृतिक विरासत को एक साथ प्रस्तुत किया जाएगा। यह आयोजन भारत की एकता, अखंडता और सांस्कृतिक विविधता के गौरव को रेखांकित करेगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / धीरेन्द्र यादव