दिल्ली के छह नए सीएएक्यूएमएस स्टेशनों ने डेटा देना शुरू किया : सिरसा

 


नई दिल्ली, 24 फरवरी (हि.स.)। दिल्ली में छह नए सतत परिवेशीय वायु गुणवत्ता निगरानी प्रणाली (सीएएक्यूएमएस) स्टेशनों ने डेटा देना शुरू कर दिया है। इसके साथ राजधानी में ऐसे स्टेशनों की संख्या बढ़कर 46 हो गई है, जो देश में सबसे ज्यादा है।

इन स्टेशनों में जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू), इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (इग्नू), इसरो अर्थ स्टेशन (मलचा महल, सेंट्रल रिज के पास), दिल्ली कैंट, कॉमनवेल्थ स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स और नेताजी सुभाष यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी (वेस्ट कैंपस) शामिल हैं। इन सभी स्थानों से अब दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी) की वेबसाइट पर लाइव डेटा देखा जा सकता है। अधिकारी इन स्टेशनों के प्रदर्शन पर लगातार नजर रखे हुए हैं और एक हफ्ते के भीतर इनका पूरा डेटा केंद्रीय पोल्युशन कंट्रोल बोर्ड (सीपीसीबी) नेटवर्क से जोड़ दिया जाएगा।

पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने मंगलवार को एक प्रेस नोट जारी करते हुए कहा कि ये नए स्टेशन प्रदूषण के खिलाफ डेटा आधारित कार्रवाई को मजबूत करते हैं। लाइव डेटा से तुरंत और सही कदम उठाए जा सकते हैं। सीपीसीबी से जुड़ने के बाद पूरे शहर की एकसाथ जानकारी मिलेगी, जो साफ हवा के हमारे संकल्प को और मजबूत करेगी। इन स्टेशनों से अलग-अलग इलाकों में प्रदूषण के स्तर की जानकारी मिलेगी, जिससे पर्यावरण की बेहतर योजना बनाने में मदद होगी। पीएम 2.5, पीएम 10 और अन्य प्रदूषकों के स्तर की हाइपर-लोकल जानकारी अब उपलब्ध रहेगी, जिससे ठोस और साक्ष्य आधारित कदम उठाए जा सकेंगे।

दिल्ली में 30 स्टेशन डीपीसीसी के तहत संचालित हैं, जबकि कुछ स्टेशन आईएमडी/आईआईटीएम और सीपीसीबी के सहयोग से काम कर रहे हैं।

सिरसा ने आगे कहा कि हम केवल मॉनिटरिंग और मिटिगेशन दोनों ही क्षेत्रों में तेजी से काम कर रहे हैं। ये सिस्टम तथ्यों के आधार पर स्थिति साफ करते हैं, चाहे बात वाहनों के उत्सर्जन की हो या धूल नियंत्रण की। पारदर्शिता और विज्ञान आधारित प्रगति से लोगों का भरोसा मजबूत होता है। इसके साथ ही दिल्ली सरकार ने ‘वायु रक्षक’ अभियान शुरू किया है, जिसमें 100 प्रवर्तन कर्मी तैनात किए गए हैं। साथ ही 14 और नए स्टेशन लगाने की योजना भी है, ताकि पूरे साल प्रदूषण पर नजर रखी जा सके।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / धीरेन्द्र यादव