मोदी के जनसेवा से राष्ट्रसेवा के 25 वर्ष पर दिल्ली कैबिनेट ने पारित किया अभिनंदन प्रस्ताव
नई दिल्ली, 14 अक्टूबर (हि.स.)। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जनसेवा से राष्ट्रसेवा के 25 वर्षों की यात्रा के उपलक्ष्य में दिल्ली कैबिनेट ने सर्वसम्मति से अभिनंदन प्रस्ताव पारित किया है। उन्होंने प्रधानमंत्री के प्रति ढाई करोड़ दिल्लीवासियों की ओर से आभार व्यक्त करते हुए कहा कि फरवरी 2025 में दिल्ली में सरकार बनने के बाद केंद्र की जनकल्याणकारी योजनाओं को लागू करने और राजधानी के विकास को गति देने का काम किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने बुधवार को मुख्यमंत्री जनसेवा सदन में पत्रकार वार्ता में कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश ने विभिन्न क्षेत्रों में उपलब्धियां हासिल की हैं। केंद्र सरकार की योजनाओं और वित्तीय एवं तकनीकी सहयोग से दिल्ली में स्वास्थ्य, आवास, शिक्षा, परिवहन, स्वच्छता, पर्यावरण और बुनियादी ढांचे के विकास के लिए काम हो रहा है।
रेखा गुप्ता ने कहा कि आयुष्मान भारत योजना के तहत दिल्ली में पात्र नागरिकों को केंद्र सरकार के पांच लाख रुपये के स्वास्थ्य कवर के अतिरिक्त दिल्ली सरकार की ओर से पांच लाख रुपये का कवर दिया जा रहा है। इससे कुल 10 लाख रुपये तक की स्वास्थ्य सुरक्षा उपलब्ध है। उनके अनुसार, योजना में नौ लाख से अधिक लोग पंजीकरण करा चुके हैं और करीब 85 हजार दावों के तहत 118 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है।
उन्होंने बताया कि 70 वर्ष और उससे अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों के लिए वय वंदना योजना के तहत दिल्ली में करीब तीन लाख लोगों का पंजीकरण हुआ है। प्रधानमंत्री जन औषधि योजना के तहत सस्ती दवाइयां उपलब्ध कराई जा रही हैं। दिल्ली में करीब 415 आयुष्मान आरोग्य मंदिर स्थापित किए गए हैं और इनकी संख्या बढ़ाकर लगभग 1,100 करने का लक्ष्य है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत दिल्ली में पात्र परिवारों को आवास उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया जा रहा है। ‘जहां झुग्गी, वहां मकान’ पहल के तहत पात्र परिवारों को बेहतर आवास देने के प्रयास हो रहे हैं। जनधन, मुद्रा, पीएम स्वनिधि और उज्ज्वला जैसी योजनाओं का लाभ भी दिल्ली के नागरिकों तक पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि उज्ज्वला योजना के तहत दिल्ली में करीब तीन लाख गैस कनेक्शन दिए गए हैं और प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत लगभग 73 लाख परिवारों को हर महीने मुफ्त राशन मिल रहा है।
रेखा गुप्ता ने स्वच्छ भारत मिशन के तहत दिल्ली को करीब 1,200 करोड़ रुपये और अमृत योजना के तहत लगभग 830 करोड़ रुपये मिलने की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं के तहत सीवर नेटवर्क के विस्तार, यमुना की सफाई और विकेंद्रीकृत सीवेज शोधन संयंत्रों के निर्माण पर काम किया जा रहा है। उनके अनुसार, एसएएससीआई योजना के तहत भी दिल्ली को करीब 1,650 करोड़ रुपये मिले हैं, जिनसे लगभग 30 परियोजनाओं को सहायता मिल रही है।
सड़क और परिवहन परियोजनाओं का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में दिल्ली में सड़क अवसंरचना से जुड़ी 1.25 लाख करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाएं पूरी हुई हैं, प्रगति पर हैं या योजना के विभिन्न चरणों में हैं। इनमें प्रगति मैदान एकीकृत परिवहन गलियारा, धौला कुआं सिग्नल-मुक्त गलियारा, महिपालपुर अंडरपास और दिल्ली-मेरठ, दिल्ली-देहरादून तथा दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे जैसी परियोजनाएं शामिल हैं। उन्होंने कहा कि इनसे दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों की कनेक्टिविटी बेहतर हुई है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि देश में मेट्रो नेटवर्क वर्ष 2014 के लगभग 228 किलोमीटर से बढ़कर अब करीब 1,155 किलोमीटर हो गया है और मेट्रो सेवा 26 शहरों तक पहुंच चुकी है। दिल्ली-राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के मेट्रो नेटवर्क से प्रतिदिन करीब 85 लाख यात्रियों को लाभ मिल रहा है। उन्होंने कहा कि दिल्ली में लगभग 5,300 इलेक्ट्रिक बसें संचालित हो रही हैं। स्वच्छ परिवहन और चार्जिंग ढांचे के विस्तार से प्रदूषण नियंत्रण के प्रयासों को मजबूती मिल रही है।
अनधिकृत कॉलोनियों के नियमितीकरण का उल्लेख करते हुए रेखा गुप्ता ने कहा कि ‘जैसी है, जहां है’ के आधार पर 1,511 कॉलोनियों के नियमितीकरण की प्रक्रिया से करीब 45 लाख लोगों को लाभ मिलने का मार्ग प्रशस्त हुआ है। उन्होंने कहा कि भारत मंडपम और यशोभूमि जैसे आयोजन स्थलों से दिल्ली की राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रमों की मेजबानी करने की क्षमता बढ़ी है।
मुख्यमंत्री ने उद्योग और व्यापार को बढ़ावा देने के लिए नई उद्योग नीति, वेयरहाउस नीति और कारोबार सुगमता से जुड़े प्रयासों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि ग्रीन इंडस्ट्री की मंजूरी प्रक्रिया को करीब 20 दिन में पूरा करने की दिशा में काम हो रहा है। यमुना की सफाई, वायु प्रदूषण और परिवहन जैसी समस्याओं के समाधान के लिए राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के राज्यों और संबंधित एजेंसियों के बीच समन्वय बढ़ाने की आवश्यकता है।
रेखा गुप्ता ने दिल्ली की प्रशासनिक और वित्तीय व्यवस्था को मजबूत करने में केंद्र के सहयोग का उल्लेख करते हुए कहा कि भारतीय रिजर्व बैंक की ओर से दिल्ली के बैंकर, वित्तीय एजेंट और ऋण प्रबंधक के रूप में काम करने की व्यवस्था स्वीकार किए जाने से दिल्ली को अलग खाता खोलने और बाजार से ऋण लेने की व्यवस्था की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर मिला है। उन्होंने लोक निर्माण विभाग के लिए अलग संवर्ग और दिल्ली की समस्याओं के समाधान से जुड़ी व्यवस्थाओं में केंद्र के सहयोग की भी चर्चा की।
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हिन्दुस्थान समाचार / माधवी त्रिपाठी