(अपडेट) स्वच्छता व्यवस्था में लापरवाही किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं : सत्या शर्मा

 


नई दिल्ली, 20 अगस्त (हि.स.)। दिल्ली नगर निगम की स्थायी समिति की विशेष बैठक गुरुवार को आयोजित की गई। बैठक में दिल्ली की स्वच्छता व्यवस्था और ‘दिल्ली को कूड़े से आजादी’ अभियान की प्रगति को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। बैठक में स्थायी समिति के सदस्यों ने अपने-अपने वार्डों में सफाई व्यवस्था से जुड़ी समस्याओं और उनके समाधान को लेकर सुझाव दिए।

बैठक में पार्षदों ने वार्डों में सफाई कर्मचारियों और आवश्यक संसाधनों की कमी, ऑटो टिप्परों की उपलब्धता, ढलावघरों की नियमित सफाई, खाली प्लॉटों में कूड़ा जमा होने, आवारा एवं बेसहारा पशुओं के कारण सड़कों पर गंदगी तथा छोटी और संकरी गलियों में नियमित सफाई नहीं होने जैसे मुद्दे प्रमुखता से उठाए।

स्थायी समिति की अध्यक्ष सत्या शर्मा ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि स्वच्छता के मामले में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने संबंधित उपायुक्तों और सफाई अधीक्षकों की जिम्मेदारी तय करने तथा अपने-अपने क्षेत्रों में सफाई व्यवस्था की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने को कहा।

उन्होंने निर्देश दिया कि घरों, बाजारों और सार्वजनिक स्थानों से कूड़े का नियमित एवं समयबद्ध संग्रहण सुनिश्चित किया जाए। जहां बार-बार कूड़ा जमा होने की शिकायत मिलती है, वहां विशेष निगरानी के साथ स्थायी समाधान की दिशा में कार्रवाई की जाए।

सत्या शर्मा ने दिल्ली में बार-बार कूड़ा जमा होने वाले स्थानों की पहचान कर उन्हें ‘ब्लैक स्पॉट’ के रूप में चिन्हित करने और वहां दोबारा कूड़ा जमा न हो, इसके लिए स्थायी व्यवस्था विकसित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि केवल एक बार सफाई कर देना पर्याप्त नहीं है, बल्कि ऐसे स्थानों की लगातार निगरानी जरूरी है।

बैठक में गीले और सूखे कचरे के पृथक्करण पर भी विशेष जोर दिया गया। आरडब्ल्यूए, बाजार संगठनों, स्कूलों और स्थानीय संस्थाओं को अभियान से जोड़कर लोगों को कचरा पृथक्करण एवं उचित निस्तारण के प्रति जागरूक करने की बात कही गई।

निर्माण एवं विध्वंस कचरे (सीएंडडी वेस्ट) के अवैध निस्तारण पर भी सख्ती के निर्देश दिए गए। सड़कों, खाली प्लॉटों और सार्वजनिक स्थानों पर सीएंडडी वेस्ट डालने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई और आवश्यकतानुसार चालान करने को कहा गया।

स्थायी समिति अध्यक्ष ने सभी ढलावघरों की नियमित सफाई और वहां से कचरे का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ढलावघरों के आसपास गंदगी और कचरे का जमाव नहीं होना चाहिए तथा संबंधित अधिकारी नियमित निरीक्षण करें।

उन्होंने कहा कि ‘दिल्ली को कूड़े से आजादी’ अभियान केवल निगम का अभियान नहीं है, बल्कि इसमें जनभागीदारी भी जरूरी है। पार्षदों के माध्यम से स्थानीय निवासियों, बाजार एसोसिएशनों, आरडब्ल्यूए और सामाजिक संगठनों को अभियान से जोड़ा जाए। लोगों को यह समझाना होगा कि सार्वजनिक स्थानों पर कूड़ा नहीं डालना भी स्वच्छ दिल्ली बनाने में महत्वपूर्ण योगदान है।

सफाई संबंधी जनशिकायतों के समयबद्ध निस्तारण पर भी बैठक में जोर दिया गया। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि शिकायतों को लंबित न रखा जाए और शिकायतकर्ता को की गई कार्रवाई की जानकारी भी दी जाए। साथ ही, सभी जोन और संबंधित विभागों को अपने-अपने क्षेत्रों की प्रगति रिपोर्ट तैयार कर अभियान की नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए गए।

सत्या शर्मा ने कहा कि ‘दिल्ली को कूड़े से आजादी’ अभियान की सफलता केवल कूड़े के ढेर हटाने से नहीं होगी। वास्तविक सफलता तब होगी, जब सफाई के बाद उसी स्थान पर दोबारा कूड़ा जमा न हो। इसलिए निगम की प्राथमिकता केवल सफाई अभियान चलाने के बजाय कचरा प्रबंधन की प्रभावी और स्थायी व्यवस्था विकसित करना होनी चाहिए।

उन्होंने अधिकारियों को बैठक में दिए गए निर्देशों और सामने आए सुझावों पर गंभीरता से कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा। साथ ही, सभी पार्षदों से अपने-अपने क्षेत्रों में अभियान की निगरानी करने और स्थानीय नागरिकों को जोड़कर इसे व्यापक जनभागीदारी का स्वरूप देने का आह्वान किया।

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हिन्दुस्थान समाचार / माधवी त्रिपाठी