दिल्ली की सफाई पर आआपा पार्षदों का सरकार पर हमला, डिसिल्टिंग रिपोर्ट को बताया फर्जी
नई दिल्ली, 20 अगस्त (हि.स.)। दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) की स्थायी समिति की विशेष बैठक में गुरुवार को राजधानी की सफाई व्यवस्था, नालों की डिसिल्टिंग और निगम कर्मचारियों से जुड़े मुद्दों को लेकर आम आदमी पार्टी (आआपा) के पार्षदों ने सरकार पर निशाना साधा। नेता प्रतिपक्ष अंकुश नारंग ने आरोप लगाया कि नगर निगम में सरकार होने के बावजूद दिल्ली की सफाई व्यवस्था बदहाल है और थोड़ी सी बारिश में सड़कें व कॉलोनियां जलमग्न हो जाती हैं।
अंकुश नारंग ने कहा कि एमसीडी की बुनियादी जिम्मेदारी साफ-सफाई और कूड़ा प्रबंधन की है, लेकिन सरकार इस जिम्मेदारी को निभाने में विफल साबित हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली की गलियों और मोहल्लों में जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे हैं और वल्नरेबल प्वाइंट बढ़ते जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार कूड़ा मुक्त अभियान चलाने का दावा कर रही है, जबकि जमीनी स्थिति इसके विपरीत है।
उन्होंने कहा कि दिल्ली की जनता ने सरकार पर भरोसा जताया है, लेकिन इसके बावजूद सफाई व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ। उन्होंने एमसीडी कर्मचारियों के हितों से जुड़े वर्ष 2024 में सदन से पारित एनपीएस से जीपीएफ में बदलाव के फैसले को लागू करने में भी सरकार पर आनाकानी का आरोप लगाया। नारंग ने कहा कि जनता और कर्मचारियों के मुद्दों को लेकर आआपा लगातार सदन से सड़क तक आवाज उठाती रहेगी।
वहीं, स्थायी समिति के सदस्य प्रवीण राजपूत ने निगम की ओर से जारी नालों की डिसिल्टिंग रिपोर्ट पर सवाल उठाते हुए इसे फर्जी बताया। उन्होंने कहा कि निगम 134 प्रतिशत ड्रेन साफ किए जाने का दावा कर रहा है, जबकि थोड़ी देर की बारिश में दिल्ली के कई इलाकों में कई फुट तक पानी भर जाता है। उन्होंने कहा कि जमीनी स्थिति निगम के दावों से बिल्कुल अलग है और कई नाले अब भी जाम पड़े हैं।
राजपूत ने कहा कि स्थायी समिति की बैठक में सफाई व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर सरकार के दावों की वास्तविकता सामने आई है। उन्होंने समिति के अध्यक्ष, आयुक्त और सदस्यों से दिल्ली के विभिन्न इलाकों का दौरा कर डिसिल्टिंग की स्थिति का जायजा लेने की मांग की।
उन्होंने सफाई कर्मचारी की हत्या का मुद्दा भी उठाया और आरोप लगाया कि घटना के बाद पीड़ित परिवार को पर्याप्त संवेदना और सहयोग नहीं मिला। राजपूत ने कहा कि सफाई कर्मचारियों के हितों से जुड़े फैसलों को लागू करने में भी सरकार को गंभीरता दिखानी चाहिए।
आआपा पार्षदों ने बैठक में सफाई कर्मचारियों एवं संसाधनों की कमी, कूड़े के ढेर, नालों की सफाई और कर्मचारियों से जुड़े लंबित फैसलों को प्रमुखता से उठाते हुए निगम की सफाई व्यवस्था में तत्काल सुधार की मांग की।
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हिन्दुस्थान समाचार / माधवी त्रिपाठी