दिल्ली सरकार ने बोनस का भुगतान सुनिश्चित करने का दिया निर्देश
नई दिल्ली, 02 नवंबर (हि.स.)। दिल्ली सरकार के श्रम विभाग ने दिवाली से ठीक पहले राजधानी के लाखों आउटसोर्स कर्मचारियों को बड़ी राहत दी है। सचिव-सह-आयुक्त (श्रम) कार्यालय ने सोमवार को एक एडवाइजरी जारी कर सभी सरकारी विभागों, स्वायत्त निकायों और पब्लिक सेक्टर अंडरटेंकिग (पीएसयू) को 2025-26 के लिए स्टैच्यूटरी बोनस का भुगतान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है।
श्रम विभाग के अतिरिक्त श्रम आयुक्त यूके सिन्हा द्वारा जारी इस एडवाइजरी में कहा गया है कि दिल्ली सरकार के विभिन्न विभागों में ठेकेदारों के माध्यम से बड़ी संख्या में आउटसोर्स कर्मचारी कार्यरत हैं, जो बोनस के हकदार हैं।
विभाग ने स्पष्ट किया है कि 21 नवंबर 2025 से पूरे देश में वेज कोड, 2019 लागू हो चुका है और पुराना बोनस एक्ट 1965 खत्म हो गया है। नए नियम के तहत जिन कर्मचारियों का वेतन 21 हजार रुपये प्रति माह तक है और जिन्होंने कम से कम 30 दिन काम किया है, उन्हें बोनस मिलेगा। बोनस की दर न्यूनतम 8.33 फीसद और अधिकतम 20 फीसद होगी। इसकी गणना 7,000 रुपये या न्यूनतम वेतन, जो भी अधिक हो, के आधार पर की जाएगी।
एडवाइजरी में सख्त निर्देश दिया गया है कि ठेकेदार (जो इस कोड में नियोक्ता है) को अकाउंटिंग ईयर खत्म होने के 8 महीने के भीतर यानी 30 नवंबर 2026 तक बोनस का भुगतान करना अनिवार्य है। डिफॉल्ट करने पर पेनल्टी और रिकवरी की कार्रवाई होगी। अगर ठेकेदार बोनस नहीं देता है, तो ओएसएच कोड, 2020 के तहत विभाग जिम्मेदार होगा।
श्रम विभाग ने सभी एसीएस, प्रधान सचिवों और विभागाध्यक्षों से कहा है कि वे अपने ठेकेदारों से बोनस का भुगतान समय पर करवाना सुनिश्चित करें।
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हिन्दुस्थान समाचार / धीरेन्द्र यादव