सरकारी खरीद की प्रक्रिया को जेम ने बनाया आसान और पारदर्शी : रेखा गुप्ता

 


नई दिल्ली, 11 अगस्त (हि.स.)। दिल्ली में सरकारी ई-मार्केटप्लेस (जेम) के प्रभावी उपयोग से अब सरकारी खरीद की प्रक्रिया को डिजिटल, आसान और अधिक पारदर्शी बनाया गया है। इससे छोटे कारोबारियों और उद्यमियों को सरकारी खरीद से जुड़ने के लिए एक समान और व्यापक डिजिटल बाजार उपलब्ध हो रहा है।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मंगलवार को विज्ञप्ति जारी करते हुए कहा कि एमएसएमई सिर्फ कारोबार नहीं, बल्कि रोजगार, इनोवेशन और स्थानीय अर्थव्यवस्था की मजबूत नींव हैं। सरकारी खरीद को डिजिटल और पारदर्शी बनाने से छोटे कारोबारियों को बड़े संस्थागत बाजार तक पहुंचने का अवसर मिल रहा है। जेम के जरिए बढ़ती खरीद, एमएसएमई की बढ़ती भागीदारी, महिला उद्यमियों और स्टार्टअप्स के लिए खुलते अवसर तथा दिल्ली के कारोबारियों को देशभर से मिल रहे ऑर्डर इस दिशा में महत्वपूर्ण बदलाव को दिखाते हैं। दिल्ली सरकार का संकल्प है कि हर एमएसएमई को अवसर, हर उद्यमी को पारदर्शी बाजार और हर छोटे कारोबार को आगे बढ़ने का मजबूत प्लेटफॉर्म मिल सके।

उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को सशक्त बनाने, उनके लिए नए बाजार और सरकारी खरीद के अवसर बढ़ाने तथा खरीद प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, सरल और समान अवसरों पर आधारित बनाने के लिए लगातार प्रयासरत है। सरकार द्वारा जेम (सरकारी ई-मार्केटप्लेस) के प्रभावी उपयोग को बढ़ावा देने से दिल्ली के छोटे कारोबारियों और उद्यमियों को सरकारी खरीद से जुड़ने का बड़ा और पारदर्शी प्लेटफॉर्म मिल रहा है।

दिल्ली की सरकारी खरीद में जेम के बढ़ते उपयोग और सेवाओं की खरीद में लगातार बढ़ रही भागीदारी को देखते हुए दिल्ली को ‘सस्टेंड सर्विसेस प्रिक्यूरमेंट एडोप्शन’ श्रेणी के तहत सम्मानित किया गया। यह सम्मान जेम के माध्यम से सेवाओं की खरीद में बढ़ती हिस्सेदारी और जेम के फायदों को पहचानते हुए दिल्ली के सरकारी खरीदारों द्वारा किए जा रहे निरंतर प्रयासों के लिए प्रदान किया गया है। यह सम्मान जेम के विकास में दिल्ली के महत्वपूर्ण योगदान और सरकारी खरीद में जेम को प्रभावी रूप से अपनाने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की मान्यता है।

जेम के आंकड़ों के अनुसार वित्त वर्ष 2026-27 में जुलाई तक 1,595 करोड़ रुपये की खरीद दर्ज की गई है, जो पिछले वर्ष की समान अवधि के 624 करोड़ रुपये से 156 प्रतिशत अधिक है। यह बढ़ोतरी दिल्ली के छोटे कारोबारियों को मिल रहे बढ़ते बाजार और अवसरों की मजबूत तस्वीर पेश करता है। वित्त वर्ष 2025-26 में दिल्ली में कुल 4,311 करोड़ रुपये की सरकारी खरीद जेम के माध्यम से हुई। यह वित्त वर्ष 2024-25 की तुलना में 41 प्रतिशत की बढ़ोतरी है। इसमें एमएसएमई यानी एमएसई से हुई खरीद की हिस्सेदारी लगभग 2,177 करोड़ रुपये रही।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में भी छोटे कारोबारों की सरकारी खरीद में भागीदारी लगातार बढ़ी है। वित्त वर्ष 2021-22 में एमएसई से लगभग 965 करोड़ रुपये की खरीद हुई थी, जो वित्त वर्ष 2025-26 में बढ़कर 2,177 करोड़ रुपये हो गई। उन्होंने बताया कि दिल्ली के विक्रेताओं को वित्त वर्ष 2025-26 में करीब 95 प्रतिशत ऑर्डर केंद्र सरकार और दूसरे राज्यों के खरीदारों से आए। इससे दिल्ली के एमएसएमई को स्थानीय बाजार से आगे बढ़कर देशभर में अपने उत्पाद और सेवाएं पहुंचाने का अवसर मिल रहा है।

दिल्ली सरकार की सरकारी खरीद व्यवस्था को ज्यादा समावेशी बनाने की दिशा में महिला उद्यमियों, एससी/एसटी उद्यमियों और स्टार्टअप्स की भागीदारी भी बढ़ रही है। वित्त वर्ष 2025-26 में जेम के माध्यम से महिला उद्यमियों से 315 करोड़ रुपये, एससी/एसटी उद्यमियों से 41 करोड़ रुपये और स्टार्टअप्स से 405 करोड़ रुपये की खरीद हुई। सरकार का प्रयास है कि सरकारी खरीद का फायदा केवल बड़े कारोबारों तक सीमित न रहे, बल्कि छोटे कारोबारियों, महिला उद्यमियों, नए स्टार्टअप्स और अलग-अलग वर्गों के उद्यमियों को भी बराबर अवसर मिलें।

जेम के जरिए खरीद की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होने से सरकारी खरीद में पारदर्शिता, प्रतिस्पर्धा और तेजी आती है। इसमें सीधी खरीद, एल-1 खरीद, बोली/रिवर्स नीलामी, फॉरवर्ड नीलामी और अन्य खरीद विकल्पों जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं। इसके अलावा ऑनलाइन ऑर्डर, विक्रेता मूल्यांकन, ऑनलाइन बिल और भुगतान, एमआईएस रिपोर्टिंग तथा एआई/एमएल आधारित अनियमितता पहचान प्रणाली जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध हैं। इससे पूरी खरीद प्रक्रिया ज्यादा व्यवस्थित और पारदर्शी बनती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली सरकार सिर्फ प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि जेम से जुड़े लोगों और सरकारी विभागों की ट्रेनिंग और क्षमता बढ़ाने पर भी जोर दे रही है। वित्त वर्ष 2025-26 में 65 से ज्यादा ट्रेनिंग प्रोग्राम आयोजित किए गए, जिनमें 3,600 से अधिक लोगों ने हिस्सा लिया। इनमें शिक्षा विभाग के जिला स्तर के ट्रेनिंग प्रोग्राम, प्रमुख अस्पतालों के लिए ट्रेनिंग और दिल्ली सचिवालय में जेम जागरूकता सप्ताह शामिल रहे। जेम टीम द्वारा विभागों को लगातार हैंड-होल्डिंग और सपोर्ट भी दिया जा रहा है ताकि ज्यादा से ज्यादा सरकारी खरीद जेम के माध्यम से हो और एमएसएमई को इसका पूरा फायदा मिले।

उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार के वित्त विभाग और जेम के बीच मंथली रिव्यू सिस्टम बनाया गया है। इसमें सरकारी खरीद के ट्रेंड, जेम के बाहर जारी होने वाले टेंडर और आने वाली खरीद की जरूरतों की समीक्षा की जाती है। आगे सरकार का फोकस जेम के ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल, कीमत और क्वॉलिटी की मॉनिटरिंग, शिकायतों के समाधान, पेमेंट में देरी दूर करने और एमएसएमई की क्षमता बढ़ाने पर रहेगा। इसके लिए सेविंग्स डैशबोर्ड, अनियमितता पहचान प्रणाली और ग्लोबल टेंडर्स जैसी नई सुविधाओं का भी इस्तेमाल बढ़ाया जा रहा है।

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हिन्दुस्थान समाचार / धीरेन्द्र यादव