साइकिल खरीद में अनियमितता का आरोप, सौरभ भारद्वाज ने दिल्ली सरकार से मांगा जवाब
नई दिल्ली, 28 अगस्त (हि.स.)। आम आदमी पार्टी (आआपा) के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने रक्षाबंधन के अवसर पर साइकिल खरीद में कथित अनियमितता को लेकर दिल्ली सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली की बेटियों के लिए खरीदी गई साइकिलों में बड़ा घोटाला हुआ है और सरकार ने महंगी कीमत पर बेकार गुणवता की साइकिलें खरीदकर बच्चियों के साथ धोखा किया है।
सौरभ भारद्वाज ने शुक्रवार को सोशल मीडिया मंच एक्स पर कहा कि रक्षाबंधन पर भाई अपनी बहनों को तोहफा देते हैं, धोखा नहीं। उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली सरकार ने बेटियों के नाम पर करोड़ों रुपये का घोटाला किया है, जिसका जनता हिसाब मांग रही है।
उन्होंने दावा किया कि बाजार में करीब 4,000 रुपये में उपलब्ध साइकिल को दिल्ली सरकार ने बच्चियों को देने के लिए करीब 7,000 रुपये में खरीदा। उन्होंने कहा कि शिक्षा विभाग ने थोक में करीब 1.30 लाख साइकिलें खरीदीं, लेकिन इसके बावजूद प्रति साइकिल अधिक कीमत का भुगतान किया गया। भारद्वाज ने साइकिलों की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाते हुए इन्हें कथित तौर पर थर्ड क्लास गुणवत्ता का बताया।
आआपा प्रदेश अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि एक नंबर की साइकिल के लिए टेंडर जारी किया गया, लेकिन बच्चियों को बहुत गुणवत्ता की साइकिलें थमा दी गईं। उन्होंने सवाल किया कि यदि साइकिल खुले बाजार में 4,000 रुपये में उपलब्ध थी तो थोक खरीद में उसे 7,000 रुपये की दर से क्यों खरीदा गया।
उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से इसे बच्चियों के लिए बड़ा तोहफा बताया गया था, लेकिन कथित घोटाले के आरोप सामने आने के बाद दिल्ली की बेटियां खुद को ठगा महसूस कर रही हैं। उन्होंने कहा कि बेटियों के साथ किसी भी तरह का धोखा स्वीकार नहीं किया जाएगा।
सौरभ भारद्वाज ने इस संबंध में आआपा कार्यकर्ता का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर साझा किया। वीडियो में कार्यकर्ता ने साइकिलों की कीमत, गुणवत्ता और थोक खरीद को लेकर सरकार से जवाब मांगा है। कार्यकर्ता ने आरोप लगाया कि 1.30 लाख साइकिलों की खरीद के बावजूद सरकार ने करीब 7,000 रुपये प्रति साइकिल का भुगतान किया।
आआपा नेता ने कहा कि रक्षाबंधन का पर्व बहनों के प्रति प्रेम और सुरक्षा के संकल्प का प्रतीक है। ऐसे अवसर पर सरकार द्वारा बेटियों के लिए की गई खरीद में कथित अनियमितताओं के आरोप गंभीर हैं। उन्होंने दिल्ली सरकार से पूरे मामले का जवाब देने और जनता के सामने खरीद प्रक्रिया का हिसाब रखने की मांग की।
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हिन्दुस्थान समाचार / माधवी त्रिपाठी