'विद्या वाहिनी' योजना का शुभारंभ, मुख्यमंत्री ने छात्राओं को वितरित कीं निःशुल्क साइकिलें
नई दिल्ली, 31 जुलाई (हि.स.)। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शुक्रवार को पूर्वी विनोद नगर स्थित स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में आयोजित समारोह में दिल्ली सरकार की महत्वाकांक्षी 'विद्या वाहिनी' योजना का शुभारंभ किया।
इस अवसर पर दिल्ली भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष एवं केंद्रीय राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा और दिल्ली सरकार के शिक्षा मंत्री आशीष सूद की उपस्थिति में दिल्ली सरकार के विद्यालयों में कक्षा 9 में अध्ययनरत 3,000 से अधिक छात्राओं को निःशुल्क साइकिलों का वितरण किया गया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने छात्राओं से आत्मीय संवाद किया, उनकी पढ़ाई, भविष्य की योजनाओं और सपनों के बारे में जानकारी ली तथा उन्हें पूरे आत्मविश्वास और समर्पण के साथ शिक्षा प्राप्त कर जीवन में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। मुख्यमंत्री ने छात्राओं की प्रतिभा और स्नेह की सराहना करते हुए उन्हें उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का यह कार्यक्रम नारी शक्ति के सम्मान और प्रत्येक बेटी को शिक्षा के माध्यम से सशक्त बनाने के हमारे सामूहिक संकल्प का उत्सव है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने विकसित भारत के निर्माण में महिला-नेतृत्व वाले विकास को केंद्र में रखा है तथा शिक्षा को महिला सशक्तिकरण का सबसे प्रभावी माध्यम माना है। 'विद्या वाहिनी' योजना उसी दूरदर्शी सोच से प्रेरित होकर प्रारंभ की गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 'विद्या वाहिनी' योजना के अंतर्गत चरणबद्ध तरीके से दिल्ली सरकार के विद्यालयों में अध्ययनरत लगभग 1.40 लाख छात्राओं को निःशुल्क साइकिलें उपलब्ध कराई जाएंगी और यह योजना आगे के वर्षों में भी इसी तरह जारी रहेंगी। उन्होंने कहा कि यह योजना छात्राओं के विद्यालय तक सुरक्षित एवं सुगम आवागमन को सुनिश्चित करेगी, उनके समय की बचत करेगी, विद्यालयों में नियमित उपस्थिति बढ़ाएगी, ड्रॉपआउट की संभावना को कम करेगी तथा अभिभावकों की दैनिक चिंता को भी कम करेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि एक साइकिल केवल परिवहन का साधन नहीं होती, बल्कि यह स्वतंत्रता, आत्मविश्वास, गरिमा, आत्मनिर्भरता और अवसर का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि शिक्षा सशक्तिकरण की सबसे मजबूत नींव है। जब एक बेटी शिक्षित होती है तो वह केवल ज्ञान ही नहीं प्राप्त करती, बल्कि आत्मविश्वास, जागरूकता और अपने भविष्य से जुड़े सही निर्णय लेने की क्षमता भी विकसित करती है।
मुख्यमंत्री ने छात्राओं से अपील की कि वे पूरी लगन और अनुशासन के साथ अध्ययन करें, साइकिल का जिम्मेदारीपूर्वक उपयोग करें, यातायात नियमों का पालन करें तथा सदैव सड़क सुरक्षा को प्राथमिकता दें। उन्होंने कहा कि यह साइकिल केवल एक उपहार नहीं, बल्कि एक नई यात्रा की शुरुआत है।
दिल्ली के शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने अपने संबोधन में कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 'महिला-नेतृत्व वाले विकास और 'विकसित भारत' के विजन को मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में दिल्ली सरकार 'विद्या वाहिनी' योजना के माध्यम से धरातल पर उतार रही है।
उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम इसलिए भी विशेष है क्योंकि दिल्ली का नेतृत्व एक महिला मुख्यमंत्री के हाथों में है, जो यह सुनिश्चित कर रही हैं कि बेटियों की शिक्षा, सुरक्षा और सशक्तिकरण सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में रहे। उन्होंने कहा कि जब महिलाओं को नेतृत्व का अवसर मिलता है तो नीतियों के केंद्र में महिलाओं का सम्मान, उनकी शिक्षा और उनका सशक्तिकरण स्वतः आ जाता है तथा आज का कार्यक्रम इसका सशक्त उदाहरण है।
सूद ने कहा कि कक्षा 9 में पहुंचने के बाद विद्यालय की दूरी और परिवहन की कठिनाइयों के कारण अनेक छात्राओं की शिक्षा प्रभावित होती रही है। 'विद्या वाहिनी' योजना उन बाधाओं को समाप्त करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
उन्होंने कहा कि पूर्व में शिक्षा के क्षेत्र में बड़े-बड़े दावे किए गए, लेकिन अनेक सरकारी विद्यालयों में आधारभूत सुविधाओं और छात्राओं की वास्तविक आवश्यकताओं की अनदेखी होती रही। वर्तमान सरकार ने प्रचार के बजाय शिक्षा को राष्ट्र निर्माण का माध्यम मानते हुए प्राथमिकताएं बदली हैं। इसी सोच के तहत चरणबद्ध तरीके से 1.40 लाख छात्राओं को निःशुल्क साइकिलें उपलब्ध कराई जाएंगी।
कार्यक्रम में विधायक रविंद्र सिंह नेगी, शिक्षा एवं खेल निदेशक नितिन जिंदल, शिक्षक, अभिभावक एवं बड़ी संख्या में छात्राएं उपस्थित रहीं।
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हिन्दुस्थान समाचार / माधवी त्रिपाठी