यमुना के पुनरुद्धार के लिए वैज्ञानिक दृष्टिकोण से काम कर रही सरकार : रेखा गुप्ता

 


नई दिल्ली, 22 अक्टूबर (हि.स.)। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने यमुना के पुनरुद्धार के लिए 8,941 करोड़ रुपये की परियोजनाओं के उद्घाटन एवं शिलान्यास समारोह को गुरुवार को संबोधित करते हुए इस दिल्ली के लिए महत्वपूर्ण कदम बताया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने यमुना के पुनरुद्धार को सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल किया है। इसी संकल्प को पूरा करने के लिए दिल्ली सरकार वैज्ञानिक दृष्टिकोण और सुनियोजित कार्ययोजना के साथ काम कर रही है।

मुख्यमंत्री ने केंद्रीय गृह अमित शाह का दिल्लीवासियों की ओर से आभार व्यक्त करते हुए कहा कि दिल्ली की समस्याओं के समाधान के लिए उनका निरंतर मार्गदर्शन और सहयोग सरकार को नई ऊर्जा प्रदान करता है। उन्होंन विश्वास व्यक्त किया कि प्रधानमंत्री का नेतृत्व और केंद्रीय गृह मंत्री का मार्गदर्शन दिल्ली के विकास को नई गति प्रदान करेगा।

मुख्यमंत्री ने बताया कि दिल्ली सरकार ने अपने लगभग डेढ़ वर्ष के कार्यकाल में सीवरेज नेटवर्क के विस्तार और सीवेज उपचार क्षमता बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया है। लगभग 3,000 करोड़ रुपये की लागत से 29 विकेंद्रीकृत एसटीपी की परियोजनाओं के कार्य आवंटित किए जा चुके हैं। इनकी कुल प्रस्तावित उपचार क्षमता 170 एमजीडी है। इसके अतिरिक्त, लगभग 2,000 रुपये करोड़ की लागत से पुराने एसटीपी के सुधार का काम भी किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि 54 अनधिकृत कॉलोनियों में लगभग 1 लाख 28 हजार लोगों के घरों को सीवर कनेक्शन उपलब्ध कराने का कार्य किया गया है। वहीं, 276 कॉलोनियों में सीवर नेटवर्क बिछाने का काम आगे बढ़ाया गया है। इसके साथ ही एक वर्ष में लगभग 93 किलोमीटर ट्रंक सीवर लाइन की गाद निकालने और सफाई का कार्य पूरा किया गया है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि द्वारका में 50 एमजीडी क्षमता का जल शोधन संयंत्र कार्यरत है। उन्होंने चंद्रावल में 105 एमजीडी क्षमता वाले संयंत्र और बवाना में दो एमजीडी क्षमता वाले रीसाइक्लिंग प्लांट से संबंधित कार्यों का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि जलापूर्ति व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए बिजवासन, पल्ला, सिरसपुर और रजोकरी में नए भूमिगत जलाशयों (यूजीआर) का निर्माण पूरा किया जा चुका है। वहीं, संगम विहार, तुगलकाबाद, शाहदरा, चाणक्य प्लेस और जनकपुरी सहित अन्य क्षेत्रों में भी भूमिगत जलाशयों से जुड़े कार्यों को मंजूरी के बाद आगे बढ़ाया गया है। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार इन परियोजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है। इन प्रयासों से राजधानी में जलापूर्ति और सीवरेज सुविधाओं को बेहतर बनाने के साथ यमुना के पुनरुद्धार के लक्ष्य को भी गति मिलेगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / धीरेन्द्र यादव