दिल्ली वालों के सपनों को साकार करने वाला बजट : सूद

 


नई दिल्ली, 24 मार्च (हि.स.)। दिल्ली के शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने कहा कि मुख्यमंत्री ने आज 2026- 27 का हरित बजट पेश किया है। यह जनहितकारी बजट दिल्ली के लोगों के कल्याण के साथ-साथ उनके सपनों को साकार करने वाला बजट भी है।

सूद ने कहा कि दिल्ली का बजट केवल आंकड़ों का दस्तावेज नहीं, बल्कि यह बिजली, सड़क, परिवहन जैसे आर्थिक क्षेत्रों और शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला एवं बाल कल्याण जैसे सामाजिक क्षेत्रों की दिशा और दशा तय करता है। वर्ष 2024-25 में आम आदमी पार्टी सरकार के दौरान जहां बजट मात्र 76,000 करोड़ रुपये था, वहीं 2025-26 में यह बढ़कर 1,00,000 करोड़ रुपये हुआ और अब 2026-27 में 1,03,700 करोड़ रुपये का है। जो यह दर्शता है की दिल्ली सरकार विकास के कार्य निरंतर कर रही है।

शिक्षा मंत्री ने कहा कि किसी भी राज्य के विकास में कैपेक्स यानी कैपिटल एक्सपेंसस (पूंजीगत व्यय) की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। 2024-25 में जहां यह 15,089 करोड़ रुपये था, वहीं 2025-26 में बढ़कर 28,115 करोड़ हुआ और 2026-27 में 30,800 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है—जो मजबूत बुनियादी ढांचे और दीर्घकालिक विकास का संकेत है। इन्हीं प्रयासों का परिणाम है कि दिल्ली की आर्थिक विकास दर 2025-26 में 8.53 फीसद तक पहुंच गई, जो 7.4 फीसद के राष्ट्रीय औसत से अधिक है। इसके विपरीत, 2024-25 में यह 6.21 फीसद थी, जो राष्ट्रीय औसत 6.5 फीसद से कम थी। इसी प्रकार प्रति व्यक्ति आय में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। 2024-25 में जहां औसत मासिक आय 23,676 रुपये थी, वह 7.09% की वृद्धि के साथ 2025-26 में 25,453 हो गई—जो नागरिकों के जीवन स्तर में सुधार का स्पष्ट प्रमाण है।

सूद ने कहा कि यह जनभावनाओं और जनअपेक्षाओं से जुड़ा हुआ बजट है। उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में इस बजट में ऐतिहासिक प्रावधान करने पर कहा कि इस वर्ष के बजट में शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण सामाजिक क्षेत्र के लिए 19,148 करोड़ का सर्वाधिक प्रावधान (जो कुल बजट का 18.64 फीसद है) सरकार की प्राथमिकताओं को स्पष्ट करता है। कक्षा 9 की बालिकाओं के लिए मुफ्त साइकिल योजना सरकार की एक सराहनीय पहल है, जो बालिका शिक्षा को नई दिशा देगी। इस मद पर 90 करोड़ रुपये का व्यय होगा। प्रत्येक सरकारी स्कूल में मेडिकल रूम की स्थापना, छात्रों के लिए “एक्सपोज़र विज़िट्स” और शिक्षा में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उपयोग हेतु 10 करोड़ का प्रावधान—ये सभी कदम भविष्य उन्मुख हैं। इस बजट में नए भवनों के निर्माण के लिए 200 करोड़ तथा स्कूलों के विस्तार के लिए 275 करोड रुपये भी आवंटित किए गए हैं। इसके साथ ही स्पोर्ट्स हॉस्टल, खेल मैदान और स्विमिंग पूल के निर्माण के लिए 50 करोड आवंटित किए गए हैं।

शिक्षा मंत्री ने बताया कि तकनीकी शिक्षा के लिए इस बजट में 700 करोड का प्रावधान किया गया है। बजट के माध्यम से सरकार दिल्ली के युवाओं को जॉब सीकर नहीं बल्कि जॉब क्रिएटर बनाना चाहती हैं। सरकार स्टार्टअप और इकुवेशन पॉलिसी के माध्यम से इनोवेशन इकोसिस्टम भी तैयार करने जा रही है।

सरकार ने पहली बार बजट में प्राइवेट प्ले स्कूल पॉलिसी और प्राइवेट स्पोर्ट्स अकेडमी पॉलिसी बनाने का भी प्रावधान किया है।

बजट में यह भी प्रावधान किया गया है कि दिल्ली के सरकारी स्कूलों में 150 करोड़ रुपये के आवंटन से 8,777 स्मार्ट क्लासरूम तैयार किए जाएंगे। आने वाले समय में 21000 स्मार्ट कक्षाओं तक इसका विस्तार किया जाएगा। नरेला में एजुकेशन हब के विकास को गति दी जाएगी और मुंडका में स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी की स्थापना से दिल्ली को एक उभरते हुए स्पोर्ट्स हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है।

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हिन्दुस्थान समाचार / धीरेन्द्र यादव