वाराणसी से आई संत रविदास जन्मस्थली की पावन माटी का दिल्ली में स्वागत, करोलबाग विश्रामधाम में कलश स्थापित
नई दिल्ली, 31 जुलाई (हि.स.)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के 'संत श्री रविदास समरसता संकल्प अभियान' के तहत वाराणसी स्थित संत श्री रविदास की जन्मस्थली से लाई गई पावन माटी के कलश का शुक्रवार को दिल्ली में स्वागत किया गया। नोएडा-दिल्ली बॉर्डर पर भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल का अभिनंदन किया, जिसके बाद कलश यात्रा करोलबाग स्थित संत रविदास विश्रामधाम पहुंची। यहां दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा और अनुसूचित जाति मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष लाल सिंह आर्या ने विधिवत पूजा-अर्चना के साथ कलश को जनदर्शन के लिए स्थापित किया।
भाजपा ने संत रविदास की 650वीं जयंती के उपलक्ष्य में लगभग सात माह तक चलने वाले अभियान की शुरुआत की। 29 जुलाई को वाराणसी में आयोजित कार्यक्रम में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने संत रविदास की जन्मस्थली की पावन माटी के कलश देशभर से आए प्रतिनिधियों को सौंपे थे, जिन्हें अब समरसता का संदेश लेकर विभिन्न राज्यों में पहुंचाया जा रहा है।
दिल्ली भाजपा के 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने वाराणसी से पावन माटी लेकर राजधानी पहुंचने के बाद नोएडा-दिल्ली बॉर्डर पर मंत्री रविन्द्र इंद्राज सिंह, भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री दुष्यंत गौतम सहित अनेक नेताओं की मौजूदगी में स्वागत स्वीकार किया। इसके बाद कलश यात्रा करोलबाग स्थित संत रविदास विश्रामधाम पहुंची।
विश्रामधाम में आयोजित समारोह के दौरान पूज्य संत अजय भाई ने संत रविदास को भजनांजलि अर्पित की। सांसद मनोज तिवारी ने संत रविदास की प्रसिद्ध उक्ति मन चंगा तो कठौती में गंगा का उल्लेख करते हुए श्रद्धालुओं को संत के संदेशों से प्रेरित होने का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि संत रविदास जन्मस्थली से आई पावन माटी के कलश की स्थापना का साक्षी बनना प्रत्येक श्रद्धालु के लिए सौभाग्य का विषय है। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार इस पावन अभियान में भाजपा पदाधिकारियों और श्रद्धालुओं के साथ कदम से कदम मिलाकर चलेगी तथा इस पवित्र मिट्टी को राजधानी के प्रत्येक क्षेत्र तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा ने बताया कि फरवरी 2027 तक चलने वाले इस अभियान के तहत दिल्ली के लगभग 3000 स्थानों पर दीपोत्सव और पुष्पांजलि कार्यक्रम आयोजित किए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि वाराणसी से आई पावन मिट्टी को अब राजधानी के सभी जिलों तक पहुंचाया जाएगा, जहां सामाजिक समरसता के संदेश के साथ विभिन्न कार्यक्रम आयोजित होंगे।
अनुसूचित जाति मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष लाल सिंह आर्या ने कहा कि संत रविदास केवल एक समाज विशेष नहीं बल्कि पूरे देश के प्रेरणास्रोत हैं। उन्होंने कहा कि संतों के विचार सामाजिक समरसता और समानता का संदेश देते हैं तथा उनके सम्मान को लेकर किसी भी प्रकार की राजनीति उचित नहीं है।
दिल्ली सरकार में मंत्री रविन्द्र इंद्रराज ने कहा कि दिल्ली के 11 लोगों ने वाराणसी में जाकर संत रविदास के जन्मस्थान से मिट्टी लेकर दिल्ली आए हैं और अब से लेकर जब तक संत रविदास के सभी कार्यक्रम पूर्ण नहीं होते तब तक इस मिट्टी की पूजा करेंगे। उन्होंने कहा कि आज अगर यह जयंती मना पा रहे हैं तो उसके इकलौते कारण देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी है जिनके नेतृत्व में यह संभव हो पाया।
समारोह में सांसद मनोज तिवारी, योगेंद्र चंदोलिया, बांसुरी स्वराज, भाजपा राष्ट्रीय महामंत्री दुष्यंत गौतम, प्रदेश महामंत्री विष्णु मित्तल, विधायक गजेन्द्र यादव, राजकुमार भाटिया, शिखा रॉय, गजेन्द्र दराल सहित अनेक जनप्रतिनिधि, संत समाज और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में दिल्ली भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा के अध्यक्ष लाजपत राय ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया।
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हिन्दुस्थान समाचार / माधवी त्रिपाठी