(अपडेट) दिल्ली भाजपा का आआपा कार्यालय पर प्रदर्शन, पेपर लीक पर दोहरे मापदंड का आरोप
नई दिल्ली, 30 जुलाई (हि.स.)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने गुरुवार को प्रदेश अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा के नेतृत्व में कैनिंग लेन स्थित आम आदमी पार्टी (आआपा) कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने पंजाब में कथित पेपर लीक मामलों को लेकर पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस की बर्खास्तगी की मांग की। प्रदर्शन के बाद पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर मंदिर मार्ग थाने पहुंचाया, जहां करीब एक घंटे बाद चेतावनी देकर छोड़ दिया गया।
प्रदर्शन में सांसद योगेन्द्र चांदोलिया, कमलजीत सहरावत, बांसुरी स्वराज, राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल, प्रदेश महामंत्री विष्णु मित्तल, योगिता सिंह, मोहनलाल गिहारा सहित बड़ी संख्या में भाजपा पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए। युवा मोर्चा, ओबीसी मोर्चा और पूर्वांचल मोर्चा के हजारों कार्यकर्ताओं ने भी प्रदर्शन में भाग लिया।
प्रदर्शन को संबोधित करते हुए हर्ष मल्होत्रा ने आम आदमी पार्टी पर केंद्र और पंजाब में अलग-अलग रवैया अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि केंद्र में पेपर लीक के मुद्दे पर नैतिकता की बात करने वाली आआपा पंजाब में हुए कथित पेपर लीक मामलों पर चुप्पी साधे हुए है। उन्होंने कहा कि पंजाब में टीईटी, 12वीं अंग्रेजी, फार्मेसी ऑफिसर और अन्य भर्ती परीक्षाओं के पेपर लीक होने के आरोप लगे हैं, लेकिन सरकार जवाबदेही तय नहीं कर रही।
मल्होत्रा ने कहा कि केंद्र में इस्तीफा, पंजाब में संरक्षण यही है आआपा का दोहरा चरित्र। उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब सरकार ने शिक्षा व्यवस्था को शिक्षा क्रांति के बजाय पेपर लीक क्रांति बना दिया है। उन्होंने कहा कि भाजपा ने मांग की है कि पंजाब के शिक्षा मंत्री को तत्काल बर्खास्त किया जाए, दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो और छात्रों से माफी मांगी जाए।
प्रदेश महामंत्री विष्णु मित्तल ने कहा कि पंजाब में पेपर लीक के मुद्दे पर पहले चुप्पी और फिर इनकार करने की कोशिश से युवाओं में आक्रोश है। उन्होंने आरोप लगाया कि इससे आम आदमी पार्टी का दोहरा रवैया उजागर हुआ है।
सांसद योगेन्द्र चांदोलिया ने कहा कि संसद में पेपर लीक पर चर्चा से विपक्ष बचता रहा, जबकि पंजाब के मामलों पर भी आआपा नेतृत्व ने कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया।
सांसद कमलजीत सहरावत ने आरोप लगाया कि पिछले चार वर्षों में पंजाब में कई पेपर लीक की घटनाएं सामने आईं, लेकिन राज्य सरकार उन्हें स्वीकार करने को तैयार नहीं है। उन्होंने कहा कि अपनी गलती स्वीकार किए बिना सुधार संभव नहीं है।
सांसद बांसुरी स्वराज ने कहा कि फार्मेसी परीक्षा के कथित पेपर लीक मामले में भी आम आदमी पार्टी की चुप्पी सवाल खड़े करती है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार द्वारा लाए गए एंटी-पेपर लीक कानून का विपक्ष ने विरोध किया, जबकि पंजाब के मामलों में जवाबदेही से बचा जा रहा है।
राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल ने भी पंजाब सरकार और आम आदमी पार्टी के नेतृत्व पर निशाना साधते हुए कहा कि पेपर लीक के मुद्दे पर पार्टी पूरी तरह बेनकाब हो चुकी है और शिक्षा मंत्री से इस्तीफा लिया जाना चाहिए।
भाजपा ने आआपा को चेतावनी दी कि जब तक पंजाब में कथित पेपर लीक मामलों में जवाबदेही तय नहीं होती और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती, तब तक उसका आंदोलन जारी रहेगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / माधवी त्रिपाठी