आआपा ने एसआईआर को लेकर चुनाव आयोग पर उठाए सवाल, शिफ्टेड मतदाताओं का डेटा साझा करने की मांग

 


नई दिल्ली, 06 अगस्त (हि.स.)। आम आदमी पार्टी (आआपा) के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज के नेतृत्व में गुरुवार को पार्टी के एक प्रतिनिधिमंडल ने दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी से मुलाकात कर मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं का मुद्दा उठाया। प्रतिनिधिमंडल ने आरोप लगाया कि बड़ी संख्या में मतदाताओं को गलत तरीके से शिफ्टेड दिखाया जा रहा है और कई क्षेत्रों में बीएलओ द्वारा एन्यूमरेशन फॉर्म भी वितरित नहीं किए गए।

मुलाकात के बाद सौरभ भारद्वाज ने कहा कि अनधिकृत कॉलोनियों, गांवों और झुग्गी बस्तियों में बीएलओ ने सभी घरों तक फॉर्म नहीं पहुंचाए हैं। उनका दावा है कि करीब 60 प्रतिशत लोगों को बिना उचित सत्यापन के शिफ्टेड दर्शा दिया गया। उन्होंने मांग की कि चुनाव आयोग ऐसे सभी मतदाताओं के नाम, पते और फोन नंबर राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) को उपलब्ध कराए ताकि वे स्वयं फोन कर सत्यापन कर सकें कि संबंधित व्यक्ति वास्तव में स्थानांतरित हुआ है या नहीं।

उन्होंने कहा कि दिल्ली में उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान और हरियाणा से आए बड़ी संख्या में लोग किराये के मकानों में रहते हैं और समय-समय पर एक इलाके से दूसरे इलाके में स्थान बदलते हैं। ऐसे वास्तविक मतदाताओं को भी एन्यूमरेशन फॉर्म नहीं मिल रहे हैं, जिससे उनके नाम मतदाता सूची से हटने का खतरा पैदा हो गया है।

सौरभ भारद्वाज ने आरोप लगाया कि एसआईआर से पहले हुई प्रक्रिया में करीब 10 लाख मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए थे। उन्होंने कहा कि यदि ऐसे मतदाताओं को अब भी एन्यूमरेशन फॉर्म नहीं मिलते हैं तो उनके मतदान अधिकार प्रभावित होंगे। उन्होंने सुझाव दिया कि जिन मतदाताओं को शिफ्टेड बताया जा रहा है, उन्हें चुनाव आयोग कम से कम एसएमएस के माध्यम से सूचना दे।

प्रतिनिधिमंडल में शामिल विधायक संजीव झा ने कहा कि यदि किसी मतदाता को गलती से शिफ्टेड दिखा दिया गया है और वह स्वयं उपस्थित होकर अपनी जानकारी देता है, तो उसे एसआईआर प्रक्रिया में शामिल किया जाना चाहिए। उन्होंने बताया कि इस सुझाव पर चुनाव आयोग ने सहमति जताई है। उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति उसी कॉलोनी में एक मकान से दूसरे मकान में गया है, तो उसे भी मतदाता सूची से बाहर नहीं किया जाना चाहिए।

वहीं विधायक कुलदीप कुमार ने दावा किया कि बीएलओ द्वारा 99 प्रतिशत फॉर्म वितरण का दावा किया जा रहा है, जबकि जमीनी स्थिति अलग है। उन्होंने कहा कि घुमंतू समुदायों तथा अनुसूचित जाति समाज के कई लोग एन्यूमरेशन फॉर्म से वंचित रह गए हैं। उन्होंने चुनाव आयोग से ऐसे सभी पात्र नागरिकों तक पहुंचकर उन्हें मतदाता सूची में शामिल करने की व्यवस्था करने की मांग की।

प्रतिनिधिमंडल ने जोर देकर कहा कि प्रत्येक पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में शामिल करना चुनाव आयोग की जिम्मेदारी है और किसी भी व्यक्ति को मतदान के अधिकार से वंचित नहीं किया जाना चाहिए।

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हिन्दुस्थान समाचार / माधवी त्रिपाठी