दिल्ली में 150 नई इलेक्ट्रिक बसें होंगी शामिल, पांच ईवी चार्जिंग स्टेशन भी शुरू होंगे

 




नई दिल्ली, 12 अक्टूबर (हि.स.)। दिल्ली सरकार राजधानी में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने के लिए 150 नई इलेक्ट्रिक बसें शामिल करेगी। इसके साथ ही स्वामी विवेकानंद आईएसबीटी आनंद विहार और दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) के चार डिपो में पांच सार्वजनिक इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) चार्जिंग स्टेशन भी शुरू किए जाएंगे। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में शुरू की जा रही इन पहलों का उद्देश्य राजधानी में स्वच्छ और टिकाऊ परिवहन व्यवस्था को बढ़ावा देना है।

नई 150 इलेक्ट्रिक बसों के शामिल होने के बाद दिल्ली के इलेक्ट्रिक बस बेड़े की संख्या बढ़कर 5,238 हो जाएगी। वहीं, राजधानी में कुल बसों की संख्या लगभग 6,988 हो जाएगी। इनमें 1,750 सीएनजी बसें शामिल हैं। सरकार की योजना वित्त वर्ष 2028-29 तक कुल बस बेड़े को बढ़ाकर करीब 14 हजार करने की है।

नई इलेक्ट्रिक बसें लो-फ्लोर और वातानुकूलित होंगी। इनमें यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरे, पैनिक बटन, रियल टाइम ट्रैकिंग और दिव्यांगजनों के लिए सुगम पहुंच जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इन बसों के शामिल होने से सार्वजनिक परिवहन की क्षमता बढ़ाने और प्रदूषण कम करने के प्रयासों को गति मिलने की उम्मीद है।

दिल्ली के परिवहन मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने कहा कि इलेक्ट्रिक बसों के बेड़े और चार्जिंग ढांचे का विस्तार स्वच्छ एवं टिकाऊ परिवहन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। सरकार का लक्ष्य यात्रियों को सुविधाजनक और भरोसेमंद सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध कराने के साथ पर्यावरण के अनुकूल परिवहन व्यवस्था विकसित करना है।

दिल्ली परिवहन अवसंरचना विकास निगम लिमिटेड (डीटीडीआईडीसी) ने स्वामी विवेकानंद आईएसबीटी, आनंद विहार में उच्च क्षमता वाला सार्वजनिक ईवी चार्जिंग स्टेशन स्थापित किया है। आनंद विहार आईएसबीटी राजधानी के प्रमुख अंतरराज्यीय परिवहन केंद्रों में शामिल है। यहां प्रतिदिन लगभग 1.25 लाख यात्री आते हैं और औसतन 2,300 बसों का संचालन होता है। इनमें दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी), उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (यूपीएसआरटीसी), उत्तराखंड परिवहन निगम और ऑल इंडिया टूरिस्ट परमिट श्रेणी की बसें शामिल हैं।

डीटीसी ने नंद नगरी डिपो, रोहिणी सेक्टर-37 डिपो, नांगलोई डिपो और केशोपुर डिपो में भी सार्वजनिक ईवी चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए हैं। इसके अलावा, डीटीसी के अन्य स्थानों पर भी उच्च क्षमता वाले चार्जिंग स्टेशन बनाने का काम जारी है।

सरकार के अनुसार, चार्जिंग नेटवर्क के विस्तार से इलेक्ट्रिक बसों के साथ अन्य इलेक्ट्रिक वाहनों को भी सहयोग मिलेगा। इलेक्ट्रिक बसों और चार्जिंग सुविधाओं का एक साथ विस्तार कर राजधानी में सार्वजनिक परिवहन को अधिक सुविधाजनक, कुशल और पर्यावरण के अनुकूल बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है।

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हिन्दुस्थान समाचार / माधवी त्रिपाठी