डीयू कुलपति ने छात्राओं से एआई को मास्टर नहीं, सहायक बनाने का सुझाव दिया

 


नई दिल्ली, 17 मार्च (हि.स.)। दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) “कॉफी विद वाइस-चांसलर” कार्यक्रम के पहले संस्करण में मंगलवार को कुलपति प्रो. योगेश सिंह ने मिरांडा हाउस कॉलेज की छात्राओं के साथ कॉफी पर चर्चा की।

“कॉफी विद वाइस-चांसलर” कार्यक्रम का आयोजन कुलपति कार्यालय में किया गया। इस अवसर पर कार्यक्रम का संचालन डीयू दक्षिणी परिसर की निदेशक प्रो. रजनी अब्बी ने किया। उन्होंने कहा कि इस पहल का उद्देश्य है कि विद्यार्थियों को सीधे कुलपति से संवाद का मौका मिले और वे अपनी बात खुल कर सीधे उनके सामने रख सकें।

कुलपति ने एक छात्रा के एआई से जुड़े सवाल पर कहा कि एआई को अपना मास्टर नहीं, बल्कि सहायक बनाएं। एआई से घबराने की जरूरत नहीं है। जब नई तकनीक आती है तो चिंताएं होती हैं, लेकिन हमें तकनीक के महत्व को समझना है और एआई जैसी नई क्रांति का भरपूर लाभ उठाना है।

कुलपति ने भारत की यूपीआई जैसी तकनीकी उपलब्धियों का जिक्र करते हुए कहा कि पिछले एक दशक में देश काफी बदला है। हमारे पास बहुत कुछ करने का सामर्थ्य है।

मूल्य वर्धन कोर्सों (वीएसी) और कौशल संवर्धन कोर्सों (एसईसी) को लेकर एक छात्रा द्वारा पूछे गए प्रश्न पर कुलपति ने कहा कि एक अच्छा इंसान बनाने का काम करना शिक्षा का उद्देश्य है। संस्कार और देशप्रेम पर भी शिक्षा में काम होना चाहिए। इसलिए इन कोर्सों की आवश्यकता है।

कुलपति ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य समझ की समझ को विकसित करना है। एक छात्रा ने पूछा कि एक कुलपति के रूप में आप हमसे क्या अपेक्षा रखते हैं? इस पर कुलपति ने कहा कि 21वीं सदी में हमारे सामने कई चुनौतियां हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में संकल्प लिया है कि अपने देश को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाएंगे। अगले 25 वर्ष हमें अपने देश को विकसित राष्ट्र बनाने के लिए काम करना है।

कुलपति प्रो. सिंह ने कहा कि अपनी बेटियों को सुरक्षित और महफूज माहौल प्रदान करना सभी का कर्तव्य है। सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करने के लिए पूरे परिसर में सीसी कैमरों की व्यवस्था की जा रही है। इस दौरान छात्राओं ने अपनी समस्याओं और जरूरतों के बारे में खुलकर बात की और कई अलग-अलग मुद्दों पर चर्चा की। कुलपति ने भी उन्हें भरोसा दिलाया कि वह जल्द से जल्द सभी मामलों को देखेंगे।

इस संवाद सत्र में मिरांडा हाउस कॉलेज की 10 छात्राओं ने भाग लिया। इस दौरान डीयू कल्चर काउंसिल के चेयर पर्सन एवं पीआरओ अनूप लाठर भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में भाग लेने के बाद छात्राओं ने कहा कि वह इस आयोजन से काफी खुश हैं। उन्हें पहली बार अपने विचार एवं समस्याएं निजी तौर पर सीधे कुलपति के साथ साझा करने का अवसर मिला है।

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हिन्दुस्थान समाचार / माधवी त्रिपाठी