रोहिणी के फाइनेंसर से मांगी एक करोड़ की रंगदारी, दो पिस्टल और 14 कारतूस के साथ बदमाश गिरफ्तार
नई दिल्ली, 28 सितंबर (हि.स.)। रोहिणी के एक फाइनेंसर से एक करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने और रकम नहीं देने पर उसकी हत्या की साजिश रचने के आरोप में क्राइम ब्रांच ने अंतरराज्यीय बदमाश हरेंद्र नागर उर्फ केडी (33) को गिरफ्तार किया है। आरोपित के पास से दो अत्याधुनिक अवैध पिस्टल और 14 कारतूस बरामद हुए हैं। पुलिस के अनुसार आरोपित का संबंध भाऊ गैंग से है। जांच में वह हरियाणा के अंबाला में 18 अगस्त को वैन से करीब 1.5 किलो सोने के आभूषण लूटने के मामले में भी वांछित मिला है।
क्राइम ब्रांच की वेस्टर्न रेंज-1 की टीम को नौ सितंबर को सूचना मिली थी कि हरेंद्र ने रोहिणी सेक्टर-7 निवासी फाइनेंसर अजय यादव उर्फ बॉस को धमकी देकर एक करोड़ रुपये की प्रोटेक्शन मनी मांगी है। रकम देने से इन्कार करने के बाद वह फाइनेंसर की हत्या के इरादे से दिल्ली आया है। सूचना पर इंस्पेक्टर प्रकाश चंद के नेतृत्व में एसआई सुमित, हेड कांस्टेबल रामबीर, नवीन और विनोद की टीम बनाई गई। एसीपी राजकुमार की निगरानी और डीसीपी क्राइम ब्रांच हर्ष इंदौरा के निर्देशन में टीम ने तकनीकी निगरानी शुरू की।
पुख्ता सूचना के बाद टीम ने रोहिणी सेक्टर-24 में नाले के पास घेराबंदी की। रात करीब 10:45 बजे मुखबिर की निशानदेही पर हरेंद्र को दबोच लिया गया। तलाशी के दौरान आरोपित की जींस की जेब से एक अवैध पिस्टल और पांच कारतूस मिले। बैग से दूसरी पिस्टल और चार कारतूस बरामद हुए, जबकि पांच अन्य कारतूस भी उसके कब्जे से मिले। कुल दो पिस्टल और 14 कारतूस बरामद किए गए। इस संबंध में क्राइम ब्रांच थाने में आर्म्स एक्ट की धाराओं में एफआईआर नंबर 217/26 दर्ज की गई।
पूछताछ में पुलिस के अनुसार हरेंद्र ने बताया कि उसने साथी दीपक के साथ मिलकर अजय यादव से एक करोड़ रुपये वसूलने की साजिश रची थी। दोनों ने कथित तौर पर धमकी भरे फोन कर रकम मांगी, लेकिन फाइनेंसर ने पैसे देने से इन्कार कर दिया। इसके बाद हरेंद्र कथित तौर पर उसकी हत्या करने के इरादे से दिल्ली आया था। पुलिस अब इस साजिश में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।
पूछताछ में हरेंद्र ने अंबाला में सोने की लूट की वारदात में शामिल होने की बात भी बताई। पुलिस के मुताबिक 18 अगस्त को हरेंद्र ने दीपक, छोटू और अन्य साथियों के साथ मिलकर वैन में ले जाए जा रहे करीब 1.5 किलो सोने के आभूषण लूटने की साजिश रची थी। वारदात के बाद सोना दीपक को बेचने के लिए दिया गया। इस मामले में हरेंद्र समेत पांच लोगों की भूमिका सामने आई है, जबकि उसके तीन-चार साथी हरियाणा की सीआईए पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। हरेंद्र के खिलाफ अंबाला के बालदेव नगर थाने में भी मामला दर्ज है।
हरेंद्र ने पूछताछ में बताया कि उसका साथी दीपक भाऊ गैंग से जुड़ा है और वह भी उसके साथ जुड़ गया था। पुलिस के अनुसार बरामद दोनों पिस्टल और कारतूस भी दीपक ने उपलब्ध कराए थे। दीपक के नरेला में रहने की जानकारी सामने आई है। पुलिस उसकी तलाश कर रही है। पुलिस के अनुसार हरेंद्र के खिलाफ दिल्ली और हरियाणा में पहले से चार मामले दर्ज हैं। इनमें सीमापुरी थाने का 2022 का अपहरण व रंगदारी का मामला, आइपी एस्टेट थाने का 2023 का फर्जी पहचान संबंधी मामला, मुखर्जी नगर थाने का 2024 का मामला और अंबाला के बालदेव नगर थाने में 2026 में आर्म्स एक्ट समेत दर्ज मामला शामिल है।
अंबाला पुलिस को हरेंद्र की गिरफ्तारी की सूचना दी गई थी। हरियाणा सीआईए की टीम दिल्ली पहुंचकर उससे पूछताछ कर चुकी है। ट्रांजिट रिमांड के लिए क्राइम ब्रांच ने कोर्ट में आवेदन दिया था, लेकिन कोर्ट ने संबंधित अदालत में आवेदन देने का निर्देश दिया। इसके बाद आरोपित को सात दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस अब रंगदारी की साजिश, अंबाला की सोना लूट और हथियारों की सप्लाई से जुड़े बाकी आरोपितों की तलाश कर रही है।
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हिन्दुस्थान समाचार / धीरेन्द्र यादव