फायरिंग कर रंगदारी मांगने के मामले में चार गिरफ्तार

 




नई दिल्ली, 18 अक्टूबर (हि.स.)। उत्तर-पूर्वी दिल्ली के न्यू उस्मानपुर में एक कारोबारी के घर के बाहर फायरिंग कर रंगदारी मांगने के मामले में पुलिस ने चार आरोपितों को गिरफ्तार किया है।

पुलिस के मुताबिक आरोपितों ने कारोबारी को डराने और उससे लाखों रुपये वसूलने की साजिश रची थी। वारदात को अंजाम देने के लिए दो शूटरों को सुपारी देने की बात भी सामने आई है। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपितों के तीन मोबाइल फोन बरामद किए हैं, जिनमें वारदात से जुड़े तकनीकी सबूत मिलने का दावा किया गया है। पुलिस अब फरार शूटरों और साजिश में शामिल अन्य लोगों की तलाश कर रही है।

पुलिस के मुताबिक 15 अक्टूबर की रात करीब 12:55 बजे न्यू उस्मानपुर थाने को गली नंबर-9, पहला पुश्ता स्थित एक मकान के बाहर फायरिंग की सूचना मिली। पुलिस मौके पर पहुंची तो शिकायतकर्ता ने बताया कि वह गांधी नगर कपड़ा मार्केट में टी-शर्ट की थोक दुकान चलाता है। रात में उसने अपने घर के मुख्य गेट पर गोली चलने की आवाज सुनी थी। घर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज देखने पर पता चला कि बाइक सवार दो नकाबपोश युवक नाले की तरफ से आए थे। आरोप है कि बाइक पर पीछे बैठे युवक ने घर के अंदर एक वस्तु फेंकी और मुख्य गेट पर गोली चलाने के बाद दोनों पहला पुश्ता की ओर फरार हो गए। बाद में घर के गेट के पास से धमकी भरी एक पर्ची भी मिली।

शिकायतकर्ता ने पुलिस को बताया कि उसे अमेरिका के एक अंतरराष्ट्रीय फोन नंबर से भी कॉल कर रंगदारी मांगी गई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने घटनास्थल पर फॉरेंसिक टीम को बुलाकर सबूत जुटाए। इसके बाद न्यू उस्मानपुर थाने में भारतीय न्याय संहिता की धारा 308(2), 326(एफ), 351(2) और 3(5) के अलावा आर्म्स एक्ट की धारा 25 और 27 के तहत मामला दर्ज किया गया।

पुलिस ने मामले की जांच में स्पेशल स्टाफ को भी शामिल किया। टीम ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर संदिग्धों की पहचान करने की कोशिश की। इसी दौरान फुटेज में मोंटी नाम का एक युवक कथित तौर पर अंगूठे से इशारा करते हुए दिखाई दिया। जांच के दौरान कारोबारी ने पुलिस को बताया कि आकाश उर्फ वीरू पहले उसी इलाके में किराये पर रहता था। आरोप है कि वारदात के बाद आकाश ने कारोबारी से संपर्क किया और लाखों रुपये लेकर मामला सुलझवाने की पेशकश की। इसके बाद पुलिस ने संदिग्धों की गतिविधियों और आपसी संपर्कों की पड़ताल तेज कर दी।

पुलिस के मुताबिक, जांच के दौरान 16 अक्टूबर को एकांत भाटी उर्फ संजू भाटी उर्फ मास्टरजी (32) को पकड़ा गया। पूछताछ में उसने शुरुआत में पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की। हालांकि, तकनीकी साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर कथित रंगदारी की साजिश का खुलासा हुआ। पुलिस का दावा है कि एकांत और उसके साथियों मोंटी, आकाश उर्फ वीरू और आशीष डेड्ढा ने कारोबारी को डराकर रुपये वसूलने की योजना बनाई थी। इसके लिए दो शूटरों को फायरिंग करने की जिम्मेदारी सौंपे जाने की बात सामने आई। एकांत से पूछताछ के बाद पुलिस ने 17 अक्टूबर को बाकी तीन आरोपितों को भी गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने एकांत, मोंटी और आकाश के पास से तीन मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इनकी जांच के जरिए साजिश से जुड़े अन्य लोगों और घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने की कोशिश की जा रही है।

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हिन्दुस्थान समाचार / धीरेन्द्र यादव