दिल्ली में जाम, जलभराव से निपटने की तैयारी तेज, ट्रैफिक पुलिस ने विभिन्न एजेंसियों के साथ की समीक्षा बैठक

 




नई दिल्ली, 15 जुलाई (हि.स.)। दिल्ली में बढ़ते ट्रैफिक जाम और मानसून के दौरान जलभराव की समस्या से निपटने के लिए दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने मंगलवार को विभिन्न सरकारी एजेंसियों के साथ समन्वय बैठक आयोजित की। पुलिस मुख्यालय स्थित विमर्श कॉन्फ्रेंस हॉल में हुई इस बैठक की अध्यक्षता विशेष पुलिस आयुक्त (यातायात) मनीष अग्रवाल ने की। बैठक में शहर के प्रमुख जाम वाले स्थानों पर यातायात सुधार, मानसून के दौरान ट्रैफिक प्रबंधन और विभिन्न आधारभूत परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई।

बैठक में संयुक्त पुलिस आयुक्त (यातायात) संजय त्यागी, अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (यातायात) दिनेश गुप्ता, पुलिस उपायुक्त ट्रैफिक (मुख्यालय-2 एवं आरएससी) एस.के. सिंह सहित दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। इसके अलावा राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई), दिल्ली मेट्रो रेल निगम (डीएमआरसी), परिवहन विभाग, दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी), लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी), नगर निगम (एमसीडी), टाटा पावर दिल्ली डिस्ट्रीब्यूशन लिमिटेड (टीपीडीडीएल) और दिल्ली जल बोर्ड (डीजेबी) के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी बैठक में हिस्सा लिया।

बैठक के दौरान विभिन्न एजेंसियों के समक्ष लंबित मुद्दों, अब तक की गई कार्रवाई और प्रस्तावित कार्यों की वर्तमान स्थिति पर विस्तृत प्रस्तुति दी गई। अधिकारियों ने बताया कि विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय के चलते कई स्थानों पर यातायात सुधार संबंधी कार्यों में सकारात्मक प्रगति हुई है। साथ ही ऐसे स्थानों की भी समीक्षा की गई, जहां मानसून के दौरान जलभराव और ट्रैफिक जाम की समस्या अधिक रहती है।

बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि विभिन्न विभागों के बीच समन्वय बढ़ाकर चल रही आधारभूत परियोजनाओं को समय पर पूरा किया जाए। साथ ही विभागों के बीच लंबित मुद्दों का शीघ्र समाधान कर राजधानी में ट्रैफिक का सुचारु संचालन सुनिश्चित किया जाए।

विशेष पुलिस आयुक्त (यातायात) मनीष अग्रवाल ने सभी एजेंसियों से समन्वय बनाकर कार्य करने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि राजधानी में ट्रैफिक जाम, जलभराव और अन्य यातायात संबंधी समस्याओं के स्थायी समाधान के लिए सभी विभागों की संयुक्त भूमिका महत्वपूर्ण है।

दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के अनुसार भविष्य में भी इस तरह की नियमित समीक्षा बैठकें आयोजित की जाएंगी, ताकि चल रही परियोजनाओं की प्रगति पर नजर रखी जा सके और राजधानी में यातायात व्यवस्था को अधिक सुगम, सुरक्षित और व्यवस्थित बनाया जा सके।

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हिन्दुस्थान समाचार / कुमार अश्वनी