एसआईआर के बाद दिल्ली में 47 लाख से ज्यादा नाम हटाने को कांग्रेस नेता ने बताया तर्कहीन

 


नई दिल्ली, 11 सितंबर (हि.स.)। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और दिल्ली सरकार ओबीसी आयोग के पूर्व अध्यक्ष चतर सिंह ने दिल्ली में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के बाद 47 लाख से ज्यादा लोगों के मतदाता सूची से हटाने को पूरी तरह से तर्कहीन है। उन्होंने कहा कि दिल्ली में प्रति वर्ष मतदाताओं की संख्या बढ़ रही है।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता चतर सिंह ने शुक्रवार को कनॉट प्लेस स्थित एंबेसी रेस्टोरेंट में प्रेस कांफ्रेंस करते हुए कहा कि 2025 विधान सभा चुनाव के समय कुल दिल्ली में एक करोड़ 56 लाख 26 हजार 756 वोटर रहे। इसमें 94 लाख 34 हजार 638 वोट पड़े। इसमें यदि आयोग के वर्तमान आंकड़े जिसमें एक करोड़ 45 लाख 10 हजार 299 मतदाता घटा दें तो फिर 11 लाख 20 हजार 495 मतदाता कहां गए? इसका जवाब दिल्ली चुनाव अधिकारी कार्यालय को इसका जबाब देना चाहिए, जबकि इस लिहाज से 2026 में एक अनुमानित जनसंख्या दो करोड़, 33 लाख, 90 हजार 387 सौ मतदाताओं की आंकी गई है। इस साल चुनाव आयोग ने एक करोड़, 45 लाख 10 हजार 299 वोटर (मतदाता) बताया है, तो फिर बीते साल के मतदाताओं में से 11 लाख 20 हजार 495 मतदाता कहां गए?

कांग्रेस नेता चतर सिंह ने कहा कि दिल्ली में जनगणना के हिसाब से 68 से 70 फीसद युवा हैं। यहां एक करोड़ 61 लाख 39 हजार 364 सौ वयस्क मतदाता होना चाहिए। लेकिन एसआईआर के बाद 47 लाख 56 हजार 722 सौ वोटरों के नाम काट दिए। तर्क दिया गया कि इसका फार्म नहीं आया या वे अपना पुख्ता कागजात दिखा नहीं पाए।

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हिन्दुस्थान समाचार / धीरेन्द्र यादव