(लीड) छात्राओं की सुरक्षा में लापरवाही बर्दाश्त नहीं : रेखा गुप्ता

 


नई दिल्ली, 08 अक्टूबर (हि.स.)। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दिल्ली विश्वविद्यालय नॉर्थ कैंपस में अंधेरी जगहें, लाइटिंग की कमी, टूटे फूटपाथ औऱ कचरे की समस्या के जल्द समाधान के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि छात्राओं की सुरक्षा में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने बुधवार देर रात दिल्ली विश्वविद्यालय के नॉर्थ कैंपस पहुंचीं। यहां उन्होंने आर्ट्स फैकल्टी के बाहर छात्राओं से सीधे संवाद कर उनकी सुरक्षा, परिवहन, हॉस्टल और कॉलेज से जुड़ी समस्याओं की जानकारी ली। उन्होंने छात्राओं से बातचीत करते हुए पूछा कि रात में आने-जाने में कोई परेशानी या असुरक्षा तो महसूस नहीं होती और कॉलेज से जुड़ी कोई समस्या हो तो वह भी उन्हें बताएं। उन्होंने छात्राओं को भरोसा दिलाया कि उनकी हर उचित समस्या के समाधान के लिए सरकार आवश्यक कदम उठाएगी।

मुख्यमंत्री ने कैंपस में निरीक्षण करते हुए कई डार्क स्पॉट देखे और अधिकारियों से मौके पर ही उनकी जानकारी ली। उन्होंने कहा कि सड़क पर पर्याप्त रोशनी होने के बावजूद कैंपस के अंदर कई स्थानों पर अंधेरा दिखाई दे रहा है, जबकि यहां छात्राओं और विद्यार्थियों की लगातार आवाजाही रहती है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि ऐसे सभी स्थानों को चिन्हित कर वहां पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। पेड़ों की अनावश्यक शाखाओं की छंटाई कराने और जहां जरूरत हो, वहां अतिरिक्त लाइट लगाने के निर्देश भी दिए गए ताकि पेड़ों की वजह से रोशनी बाधित न हो।

मुख्यमंत्री ने निरीक्षण के दौरान कई स्थानों पर टूटे और असमान फुटपाथ देखकर नाराजगी जताई। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि फुटपाथ ऐसी स्थिति में नहीं होने चाहिए कि विद्यार्थियों को चलने में परेशानी हो। उन्होंने विशेष रूप से दिव्यांग विद्यार्थियों की सुविधा का ध्यान रखने को कहा और निर्देश दिया कि पूरे मार्ग की जांच कर जहां भी फुटपाथ क्षतिग्रस्त या असमान हैं, उन्हें तत्काल ठीक किया जाए। मुख्यमंत्री ने कैंपस में सीसीटीवी कैमरों की स्थिति की भी जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों से पूछा कि कितने कैमरे लगे हैं, उनमें से कितने काम कर रहे हैं और किन क्षेत्रों में अतिरिक्त कैमरों की जरूरत है। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि जहां सीसीटीवी की आवश्यकता है, वहां जल्द कैमरे लगाए जाएं और पहले से लगे कैमरों की कार्यशीलता की भी जांच कराई जाए। उन्होंने कहा कि कैंपस का कोई भी संवेदनशील क्षेत्र निगरानी से बाहर नहीं रहना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने छात्राओं से कैंपस में पीसीआर की मौजूदगी और रात के समय महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती के बारे में भी पूछा। छात्राओं ने बताया कि रात में महिला पुलिसकर्मी मौजूद रहती हैं और आवश्यकता पड़ने पर पीसीआर भी तुरंत पहुंचती है। उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए पुलिस तथा विश्वविद्यालय प्रशासन को आपसी समन्वय से काम करने पर जोर दिया। कैंपस में जगह-जगह गंदगी और खराब ग्रीन बेल्ट देखकर भी मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से सवाल किया और तत्काल सफाई कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय ऐसा स्थान है जहां हर दिन हजारों विद्यार्थी आते-जाते हैं। इसलिए यहां साफ-सफाई, रोशनी, सुरक्षित रास्ते और बेहतर सार्वजनिक सुविधाएं सुनिश्चित करना जरूरी है।

हॉस्टल और पीजी से जुड़ी समस्याओं पर भी मुख्यमंत्री ने छात्राओं से विस्तार से बातचीत की। छात्राओं द्वारा पीजी की स्थिति और सुविधाओं से जुड़ी परेशानी बताए जाने पर मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली सरकार जल्द पीजी पॉलिसी लेकर आ रही है, जिससे पीजी व्यवस्था में आवश्यक नियम और मानक तय किए जा सकेंगे। विद्यार्थियों के लिए नए हॉस्टलों के निर्माण और बेहतर हॉस्टल सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में भी सरकार काम कर रही है, ताकि विद्यार्थियों को रहने के लिए सुरक्षित और बेहतर विकल्प मिल सकें।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि आर्ट्स फैकल्टी, लॉ फैकल्टी, साइंस फैकल्टी, पार्किंग और अन्य संवेदनशील हिस्सों का दोबारा निरीक्षण कर कम रोशनी वाले स्थानों पर आवश्यक सुधार किए जाएं। इस दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि छात्राओं की सुरक्षा से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जा सकता। उन्होंने स्पष्ट किया कि निरीक्षण में सामने आई प्रत्येक समस्या का समाधान बिना किसी देरी के किया जाए और दिए गए निर्देशों पर हुई कार्रवाई की बाद में समीक्षा भी की जाएगी। मुख्यमंत्री ने छात्राओं से सेल्फ डिफेंस ट्रेनिंग को लेकर भी बातचीत की और कहा कि छात्राओं को आत्मरक्षा का प्रशिक्षण जरूर लेना चाहिए और इसके लिए वे थोड़ा समय निकालें।

मुख्यमंत्री ने निरीक्षण के अंत में छात्राओं के साथ सहज और आत्मीय माहौल में बातचीत जारी रखी और उनके साथ चाय भी पी। उनके साथ इस दौरे में लोक निर्माण विभाग, दिल्ली नगर निगम और दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / धीरेन्द्र यादव