मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने ‘विद्या वाहिनी योजना’ के तहत दो सौ छात्राओं को वितरित की साइकिलें
नई दिल्ली, 10 अगस्त (हि.स.)। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने ‘विद्या वाहिनी योजना’ के तहत सोमवार को विधानसभा परिसर में कक्षा 9 में अध्ययनरत छात्राओं को साइकिलें वितरित कीं।
इस अवसर पर उत्तरी जिले के जोन 7 की 200 छात्राओं को साइकिलें प्रदान की गईं। यह पहल छात्राओं के लिए विद्यालय तक आवागमन को आसान बनाने के साथ-साथ उनकी शिक्षा की निरंतरता, आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
इस अवसर पर साइकिल प्राप्त करने वाली छात्राओं ने कहा कि साइकिल मिलने से उन्हें विद्यालय आने-जाने में सुविधा होगी, समय की बचत होगी और वे अधिक आत्मविश्वास के साथ अपनी पढ़ाई जारी रख सकेंगी।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने छात्राओं से संवाद करते हुए उन्हें साइकिल मिलने पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि एक साइकिल केवल आवागमन का साधन नहीं, बल्कि बेटियों की शिक्षा और उनके सपनों को आगे बढ़ाने का माध्यम है। सरकार का प्रयास है कि किसी भी बेटी को स्कूल तक पहुंचने में आने वाली दूरी या परिवहन की समस्या उसकी पढ़ाई के रास्ते में बाधा न बने।
उन्होंने कहा कि ‘विद्या वाहिनी योजना’ के माध्यम से दिल्ली सरकार बेटियों की शिक्षा को अधिक सुलभ और सुविधाजनक बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष कक्षा 9 में पढ़ने वाली लगभग 1.40 लाख छात्राओं को योजना के तहत साइकिलें वितरित की जा रही हैं। बेटियों की शिक्षा में किया गया निवेश समाज के उज्ज्वल भविष्य में किया गया निवेश है। सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए लगातार कार्य कर रही है कि दिल्ली की बेटियों को शिक्षा, आधुनिक सुविधाओं और आगे बढ़ने के समान अवसर मिलें।
मुख्यमंत्री ने छात्राओं को प्रेरित करते हुए कहा कि वे इस सुविधा का उपयोग अपनी शिक्षा को और मजबूत करने में करें, अपने लक्ष्य तय करें और पूरे आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ें। दिल्ली सरकार का लक्ष्य विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा के साथ समग्र और सक्षम वातावरण उपलब्ध कराना है ताकि हर विद्यार्थी बिना किसी बाधा के अपने सपनों की ओर आगे बढ़ सके।
इस अवसर पर दिल्ली के शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने कहा कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के दूरदर्शी नेतृत्व में दिल्ली स्कूली शिक्षा के क्षेत्र में ऐतिहासिक परिवर्तन की ओर आगे बढ़ रही है। आज प्रतिभाशाली छात्राओं को साइकिलों का वितरण केवल आवागमन का साधन उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उन्हें आत्मनिर्भर बनने, बाधाओं को पार करने और अपने सपनों को साकार करने के लिए पंख देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि वह मुख्यमंत्री के निरंतर सहयोग और नारी शक्ति के प्रति उनकी अटूट प्रतिबद्धता के लिए आभार व्यक्त करते हैं।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / माधवी त्रिपाठी