दिल्ली सरकार और आईसीसीआर के बीच एमओयू , सांस्कृतिक और शैक्षणिक सहयोग को मिलेगा बढ़ावा

 


नई दिल्ली, 28 सितंबर (हि.स.)। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की उपस्थिति में सोमवार को भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद (आईसीसीआर) और दिल्ली सरकार के बीच सांस्कृतिक एवं शैक्षणिक क्षेत्रों में सहयोग के लिए समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। इस एमओयू का मुख्य उद्देश्य दिल्ली सरकार और आईसीसीआर के बीच संस्थागत साझेदारी स्थापित करना है, जिसके माध्यम से सांस्कृतिक और शैक्षणिक सहयोग को बढ़ावा दिया जाएगा। इससे दिल्ली की संस्कृति, पर्यटन और अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ आईसीसीआर को सांस्कृतिक कूटनीति से जुड़े अपने दायित्वों को पूरा करने में भी सहयोग मिलेगा।

इस अवसर पर दिल्ली के कला, संस्कृति एवं भाषा मंत्री कपिल मिश्रा कपिल मिश्रा सहित संबंधित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि यह साझेदारी दिल्ली की कला, संस्कृति और प्रतिभाओं को देश-दुनिया के व्यापक मंच से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इससे दिल्ली के कलाकारों और सांस्कृतिक समूहों को अंतरराष्ट्रीय आयोजनों में अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के अवसर मिलेंगे तथा विदेशी कलाकारों और सांस्कृतिक प्रतिनिधियों के माध्यम से दिल्ली में अंतरराष्ट्रीय सांस्कृतिक संवाद को भी बढ़ावा मिलेगा। आईसीसीआर के साथ यह संस्थागत साझेदारी दिल्ली की संस्कृति, पर्यटन और रचनात्मक अर्थव्यवस्था को नई गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

इस समझौते के अंतर्गत दिल्ली के स्थापित व युवा कलाकारों को आईसीसीआर की प्रतिष्ठित ‘होराइजन सीरीज’ और अंतरराष्ट्रीय सांस्कृतिक महोत्सवों में सहभागिता का सीधा अवसर मिलेगा। दिल्ली सरकार प्रदर्शन कला, साहित्य, मूर्तिकला, वस्त्र, वास्तुकला, पाक-कला और हस्तशिल्प जैसे विभिन्न क्षेत्रों की प्रतिभाओं की पहचान कर उन्हें आईसीसीआर के साथ सूचीबद्ध करेगी। इन सभी विधाओं के कलाकारों की एक एकीकृत निर्देशिका (डायरेक्टरी) तैयार कर आईसीसीआर के साथ साझा की जाएगी, ताकि वैश्विक आयोजनों के लिए एक समृद्ध डेटाबेस उपलब्ध रहे।

समझौते के तहत दिल्ली में आयोजित होने वाले सांस्कृतिक एवं पर्यटन महोत्सवों में विदेशी कलाकारों की प्रस्तुतियों को सुगम बनाया जाएगा। आईसीसीसार के विशिष्ट आगंतुक कार्यक्रम और शैक्षणिक आगंतुक कार्यक्रम के अंतर्गत आने वाले विदेशी विशिष्ट अतिथियों व विद्वानों की मेजबानी दिल्ली में की जाएगी। इसके अतिरिक्त, भारत और विदेशों के विजुअल आर्टिस्ट के लिए संयुक्त कला प्रदर्शनी, आर्टिस्ट रेजीडेंसी कैंप, वर्कशॉप और सेमिनार आयोजित किए जाएंगे। इसके साथ ही भारत और विदेशों के दृश्य कलाकारों के लिए ग्रुप एग्जीबिशन, आर्टिस्ट रेजिडेंसी कैंप, कॉन्फ्रेंस, सेमिनार और वर्कशॉप आयोजित किए जा सकेंगे।

आईसीसीसार से जुड़े विदेशी छात्रों के लिए दिल्ली में अध्ययन शिविर और परिचयात्मक दौरों का आयोजन किया जाएगा, जिससे राजधानी के ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही, आईसीसीआर के अंतरराष्ट्रीय छात्र नेटवर्क के बीच दिल्ली के प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों और विश्वविद्यालयों का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा।

इस एमओयू के अंतर्गत दिल्ली में आयोजित होने वाले कार्यक्रमों में अंतरराष्ट्रीय सांस्कृतिक दलों की भागीदारी के लिए आवश्यक खर्च दिल्ली सरकार द्वारा वहन किया जाएगा। वहीं, आईसीसीआर अंतरराष्ट्रीय प्रतिभागियों की पहचान, वीजा और भारत यात्रा से संबंधित आवश्यक व्यवस्थाओं में सहयोग करेगा। विदेशों में आयोजित कार्यक्रमों में दिल्ली के कलाकारों एवं सांस्कृतिक दलों की भागीदारी के लिए घरेलू एवं अंतरराष्ट्रीय हवाई यात्रा, परिवहन, वीजा और आवश्यक सरकारी मंजूरियों से जुड़े खर्च दिल्ली सरकार द्वारा वहन किए जाएंगे। आईसीसीआर की ओर से कलाकारों के अंतरराष्ट्रीय प्रवास, प्रस्तुतियों, प्रचार-प्रसार और चिकित्सा संबंधी व्यवस्थाओं में सहयोग किया जाएगा।

समझौते के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए एक संयुक्त समिति का गठन किया जाएगा, जिसमें आईसीसीआर के महानिदेशक (या उनके प्रतिनिधि), दिल्ली सरकार के कला एवं संस्कृति विभाग के वरिष्ठ अधिकारी तथा आईसीसीआर के क्षेत्रीय कार्यालय प्रमुख शामिल होंगे। यह समिति हर वर्ष एक न्यूनतम वार्षिक गतिविधि योजना तय करेगी। यह एमओयू हस्ताक्षर की तिथि से 5 वर्षों के लिए प्रभावी रहेगा, जिसे आपसी सहमति से अगले 5 वर्षों के लिए बढ़ाया जा सकेगा।

मंत्री कपिल मिश्रा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘विकसित भारत’ संकल्प की दिशा में मुख्यमंत्री के नेतृत्व में ‘विकसित दिल्ली’ और ‘दिल्ली को आर्ट कैपिटल’ बनाने की दिशा में यह एमओयू एक महत्वपूर्ण सांस्कृतिक पहल है। इससे दिल्ली के कलाकारों को अंतरराष्ट्रीय मंचों तक अवसर मिलेंगे, विभिन्न विधाओं के प्रतिभाशाली कलाकारों का डेटाबेस तैयार होगा और विदेशी कलाकारों व विद्वानों के साथ सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही दिल्ली में अध्ययनरत अंतरराष्ट्रीय छात्रों को दिल्ली की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने के लिए ओरिएंटेशन, स्टडी कैंप और परिचयात्मक यात्राएं आयोजित की जाएंगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / धीरेन्द्र यादव