सत्य निकेतन हादसे में घायल छात्रों के परिजनों से एम्स में मिली मुख्यमंत्री, दिल्ली सरकार उठाएंगी इलाज का खर्च

 




नई दिल्ली, 08 सितंबर (हि.स.)। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मंगलवार को एम्स ट्रॉमा सेंटर में सत्य निकेतन में गिरी पीजी इमारत हादसे में घायल छात्रों के परिजनों से मुलाकात करके सांत्वना दी। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार हादसे में घायल हुए सभी छात्रों के इलाज का पूरा खर्च वहन करेगी।मुख्यमंत्री ने परिजनों से छात्रों के स्वास्थ्य और उपचार की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने परिजनों को भरोसा दिलाया कि दिल्ली सरकार इस कठिन समय में उनके साथ खड़ी है। छात्रों के इलाज में किसी भी प्रकार की कमी नहीं आने दी जाएगी।

मुख्यमंत्री ने एम्स के चिकित्सकों से घायल छात्रों की स्थिति और उन्हें दिए जा रहे उपचार की विस्तृत जानकारी भी ली। चिकित्सकों ने मुख्यमंत्री को बताया कि गंभीर रूप से घायल छात्रों के उपचार के लिए डॉक्टरों की टीम लगातार उनकी स्थिति की निगरानी कर रही है। मुख्यमंत्री ने चिकित्सकों को निर्देश दिए कि सभी घायल छात्रों को सर्वोत्तम संभव उपचार और हर आवश्यक चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने परिजनों को आश्वस्त किया कि उपचार से जुड़ी किसी भी आवश्यकता में सरकार हरसंभव मदद उपलब्ध कराएगी। उन्होंने घायल बच्चों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की और परिजनों से हिम्मत बनाए रखने का आग्रह किया।

मुख्यमंत्री ने परिजनों को यह भी बताया कि सत्य निकेतन हादसे के संबंध में कार्रवाई आगे बढ़ाई जा रही है। हादसे से संबंधित भवन के मालिक को गिरफ्तार कर लिया गया है। घटना के लिए जिम्मेदार किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और जांच के आधार पर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। इस समय सबसे बड़ी प्राथमिकता घायल बच्चों का जीवन बचाना और उन्हें बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना है। सरकार प्रभावित परिवारों के साथ लगातार संपर्क में है और उनकी आवश्यकताओं का पूरा ध्यान रखा जा रहा है।

मुख्यमंत्री के सख्त निर्देशों पर दिल्ली में पीजी होस्टलों की सुरक्षा व्यवस्था की व्यापक समीक्षा तेज कर दी गई है। नगर निगम को अपने क्षेत्राधिकार के अंतर्गत आने वाले सभी पीजी होस्टलों का निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं। संबंधित जोन के अधिकारियों को भवन सुरक्षा, आवश्यक अनुमतियों, फायर सेफ्टी एनओसी, स्ट्रक्चरल स्टेबिलिटी सर्टिफिकेट और अन्य निर्धारित मानकों की जांच कर विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। जोनल स्तर पर वरिष्ठ अधिकारी इस पूरी कार्रवाई की निगरानी करेंगे।

मुख्यमंत्री ने सत्य निकेतन में घटनास्थल के आसपास के भवनों में काम कर रहे श्रमिकों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि नगर निगम को जन-सुरक्षा के हित में दुर्घटना स्थल के पास बने जर्जर भवनों को ध्वस्त करने का आदेश दिया गया है। दिल्ली फायर सर्विस के कर्मचारी व्यवस्थित तरीके से भवन के अंदर मौजूद छात्रों का सामान सुरक्षित बाहर निकाल रहे हैं। सभी छात्रों और स्थानीय निवासियों से अधिकारियों का सहयोग करने का अनुरोध किया जाता है। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि जब तक सुरक्षा सुनिश्चित न हो, वहां किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य न किया जाए और श्रमिकों की जान को खतरे में डालने वाली गतिविधियों पर तत्काल रोक लगाई जाए। दिल्ली में नागरिकों की सुरक्षा के साथ किसी भी स्तर पर समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / धीरेन्द्र यादव