मुख्यमंत्री ने दौलत राम कॉलेज में शताब्दी शैक्षणिक भवन और कंप्यूटर सेंटर का किया उद्घाटन

 




नई दिल्ली, 27 अक्टूबर (हि.स.)। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता मंगलवार को दिल्ली विश्वविद्यालय के दौलत राम कॉलेज में शताब्दी शैक्षणिक भवन, कंप्यूटर केंद्र और कौशल विकास केंद्र का उद्घाटन किया। छात्राओं से संवाद करते हुए मुख्यमंत्री ने उन्हें आत्मविश्वास, साहस और दृढ़ संकल्प के साथ अपने लक्ष्य की ओर बढ़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि दिल्ली की बेटियों को अपनी क्षमता पर भरोसा रखना चाहिए। उन्हें किसी भी परिस्थिति में घबराने की जरूरत नहीं है, क्योंकि उनकी सुरक्षा, सम्मान और अधिकारों के लिए दिल्ली सरकार उनके साथ खड़ी है।

मुख्यमंत्री ने कॉलेज परिसर में फैकल्टी रीडिंग रूम, सेमिनार रूम, पुस्तकालय में श्री रामालय, रीसाइक्लिंग यूनिट और बेकरी यूनिट का निरीक्षण कर शैक्षणिक, व्यावहारिक प्रशिक्षण एवं सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों की जानकारी ली। उन्होंने ऑडिटोरियम के नवीनीकरण की आवश्यकता पर चर्चा करते हुए सहयोग का आश्वासन दिया। साथ ही, ‘मिस डीआरसी टैलेंट हंट’ का शुभारंभ कर छात्राओं को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने और आत्मविश्वास के साथ मंच पर आगे आने के लिए प्रोत्साहित किया। इस अवसर पर दिल्ली विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. योगेश सिंह, दौलत राम कॉलेज की प्राचार्या प्रो. सविता रॉय, कॉलेज की गवर्निंग बॉडी के अध्यक्ष मुकुल गुप्ता, विजय शंकर तिवारी सहित अन्य शिक्षकगण और छात्राएं उपस्थित रहीं।

दौलत राम कॉलेज की पूर्व छात्रा होने के नाते मुख्यमंत्री के लिए यह अवसर भावनात्मक रहा। परिसर में उन्होंने छात्र जीवन की यादें साझा करते हुए बताया कि कॉलेज छात्रसंघ की जनरल सेक्रेटरी बनने के साथ उनके सार्वजनिक जीवन की शुरुआत हुई। छात्र राजनीति में मिली जिम्मेदारियों ने उन्हें लोगों की समस्याओं को समझने और उनके समाधान के लिए काम करने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि छात्र जीवन में छात्राओं और विद्यार्थियों के हित में उठाए गए मुद्दों को आज व्यापक स्तर पर हल करने का अवसर मिलना उनके लिए संतोष का विषय है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि दिल्ली में एक लाख स्मार्ट स्ट्रीट लाइट लगाने और उन्हें कंट्रोल एंड कमांड सेंटर से जोड़ने की दिशा में काम किया जा रहा है। साथ ही 50 हजार नए सीसीटीवी कैमरे लगाने की योजना पर भी काम हो रहा है। उन्होंने कहा कि इन पहलों का उद्देश्य निगरानी व्यवस्था मजबूत करना और महिलाओं सहित सभी नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। उन्होंने जोर दिया कि लड़कियों की सुरक्षा की जिम्मेदारी केवल उन पर डालना उचित नहीं है। समाज को अपनी सोच बदलनी होगी और लड़कियों पर प्रतिबंध लगाने के बजाय लड़कों और पुरुषों को महिलाओं का सम्मान करना सिखाना होगा।

कार्यक्रम के दौरान महिला विकास समिति की छात्राओं ने आत्मरक्षा का प्रदर्शन किया। मुख्यमंत्री ने छात्राओं के साहस, आत्मविश्वास और तत्परता की सराहना करते हुए कहा कि आत्मरक्षा प्रशिक्षण लड़कियों को संकट की स्थिति में अपनी सुरक्षा करने के लिए तैयार करने के साथ उनमें आत्मविश्वास और निर्भीकता भी विकसित करता है। उन्होंने छात्राओं को प्रेरित करते हुए कहा कि यदि कोई उनके साथ दुर्व्यवहार करता है या उन्हें डराने की कोशिश करता है, तो उन्हें अपनी सुरक्षा के लिए आवाज उठानी चाहिए।

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हिन्दुस्थान समाचार / धीरेन्द्र यादव