मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने विभिन्न हादसों में जान गंवाने वाले पीड़ित परिवारों को दी आर्थिक सहायता
नई दिल्ली, 28 अक्टूबर (हि.स.)। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बुधवार को राजधानी में विभिन्न हादसों में अपने प्रियजनों को खोने वाले परिवारों को आर्थिक सहायता प्रदान करने के उद्देश्य से अनुग्रह राशि के चेक वितरित किए। इस अवसर पर कोरोना महामारी के दौरान जान गंवाने वाले कोरोना योद्धा, सत्य निकेतन में हुए भवन हादसे, तुगलकाबाद में अग्निकांड और जसोला नाले में डूबने की घटना से प्रभावित परिवारों को सहायता प्रदान की गई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी अपने को खोने का दुख अपूरणीय होता है। ऐसे में सरकार का दायित्व है कि वह प्रभावित परिवारों के साथ खड़ी रहे और उन्हें यथासंभव सहायता उपलब्ध कराए। इस अनुग्रह राशि का उद्देश्य परिवारों को इस कठिन समय में आर्थिक राहत प्रदान करना और उन्हें यह भरोसा दिलाना है कि वे अकेले नहीं हैं, बल्कि दिल्ली सरकार प्रत्येक कदम पर उनके साथ खड़ी है।
कोरोना महामारी के दौरान जनसेवा में योगदान देने वाले लोगों के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए सरकार ने दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) में कार्यरत रही दिवंगत कोरोना योद्धा स्वर्गीय ओमवती के परिवार को अनुग्रह राशि प्रदान की। यह सहायता उन लोगों के प्रति सरकार की कृतज्ञता है, जिन्होंने कठिन महामारी काल में अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया। उनके दो बेटे और तीन बेटियों को सहायता राशि वितरित की गई।
सत्य निकेतन में 7 सितंबर को हुए भवन हादसे में जान गंवाने वाले चार लोगों के परिजनों को भी आर्थिक सहायता प्रदान की गई। इनमें स्वर्गीय अक्षत सिंह यादव, स्वर्गीय अर्पित झा, स्वर्गीय अभिषेक कुमार और स्वर्गीय सुरेंद्र सिंह के प्रत्येक प्रभावित परिवार के लिए 10 लाख रुपये की अनुग्रह राशि निर्धारित की गई है।
मुख्यमंत्री ने तुगलकाबाद में हुए अग्निकांड में जान गंवाने वालों के परिजनों को 10-10 लाख रुपये, घायलों को दो लाख और मामूली रूप से घायल दो लोगों को 20-20 हजार रुपये अनुग्रह राशि के चेक वितरित किए। साथ ही, जसोला में डूबने की घटना में जान गंवाने वाले के परिजनों के लिए भी 5 लाख रुपये की अनुग्रह राशि के चेक वितरित किए।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि दुख की इस घड़ी में प्रभावित परिवारों को भरोसा और संबल देना भी है। प्रत्येक जीवन अनमोल है और किसी भी दुर्घटना में अपनों को खोने वाले परिवारों की पीड़ा को समझना तथा उनके साथ खड़े रहना समाज और शासन, दोनों की जिम्मेदारी है।
उन्होंने आश्वस्त किया कि दिल्ली सरकार जनहित और मानवीय संवेदनशीलता को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए जरूरतमंद परिवारों को नियमानुसार सहायता उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
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हिन्दुस्थान समाचार / माधवी त्रिपाठी