‘दिल्ली नेक्स्ट’ युवाओं के विचारों को सीधे सरकारी व्यवस्था से जोड़ेगा : रेखा गुप्ता
नई दिल्ली, 02 जुलाई (हि.स.)। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि आज शासन व्यवस्था केवल नीतियां बनाने तक सीमित नहीं रह सकती, बल्कि तकनीक, इनोवेशन और जनभागीदारी के माध्यम से समस्याओं का प्रभावी एवं स्थायी समाधान विकसित करना समय की आवश्यकता है। ‘दिल्ली नेक्स्ट’ केवल एक हैकाथॉन नहीं, बल्कि गवर्नेंस और इनोवेशन के बीच एक ऐसा सेतु है, जो युवाओं के विचारों को सीधे सरकारी व्यवस्था से जोड़ेगा। उन्होंने यह बातें गुरुवार को दिल्ली सचिवालय में ‘दिल्ली नेक्स्ट - कोड, क्रिएट ऐंड चेंज’ की अध्यक्षता करते हुए कही। यह देश का सबसे बड़ा सिविक-टेक इनोवेशन कार्यक्रम है। इसका उद्देश्य युवाओं, स्टार्टअप्स, शोधकर्ताओं, शिक्षण संस्थानों और नवाचारकर्ताओं को एक साझा मंच पर लाकर दिल्ली की वास्तविक नागरिक एवं शहरी चुनौतियों के लिए तकनीक आधारित समाधान विकसित करना है।
मुख्यमंत्री ने युवाओं की क्षमता पर भरोसा जताते हुए कहा कि हमारे देश के युवाओं में असीम प्रतिभा है। अगर उन्हें सही मंच, सटीक मार्गदर्शन और उचित अवसर मिले तो वे प्रशासनिक व्यवस्था में बड़ा बदलाव ला सकते हैं। दिल्ली सरकार इसी दूरदर्शी सोच के साथ युवाओं को सिर्फ एक प्रतियोगी के रूप में नहीं, बल्कि सुशासन में अपने बराबर के सहभागी के रूप में देख रही है। युवा देश के भविष्य नहीं बल्कि विकसित भारत के महत्वाकांक्षी मिशन को हासिल करने के लिए हमारे सबसे उज्ज्वल वर्तमान है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पारंपरिक हैकाथॉन अक्सर पुरस्कार वितरण के साथ समाप्त हो जाते हैं, लेकिन ‘दिल्ली नेक्स्ट’ की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यहां चयनित समाधान केवल प्रदर्शित नहीं किए जाएंगे, बल्कि उन्हें संबंधित सरकारी विभागों के सहयोग से पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लागू किया जाएगा। सफल मॉडलों को चरणबद्ध तरीके से सरकारी कार्यप्रणाली में एकीकृत किया जाएगा, जिससे नागरिकों को प्रत्यक्ष लाभ मिल सके।
यह इनोवेशन कार्यक्रम दिल्ली की वास्तविक नागरिक समस्याओं के समाधान खोजने पर केंद्रित रहा। प्रतिभागियों ने अर्बन इंफ्रास्ट्रक्चर, जलभराव, ट्रैफिक प्रबंधन, स्मार्ट पार्किंग, वायु प्रदूषण, कचरा प्रबंधन, इलेक्ट्रिक वाहन इकोसिस्टम, नागरिक शिकायत निवारण, डिजिटल गवर्नेंस और नागरिक सेवाओं जैसे विभिन्न क्षेत्रों में नवाचार आधारित समाधान विकसित किए। यह कार्यक्रम तीन चरणों में आयोजित किया गया। पहले चरण में जागरूकता और आउटरीच अभियान के माध्यम से देशभर के एक करोड़ से अधिक युवाओं तक इसकी पहुंच बनाई गई। दूसरे चरण में 2.5 लाख से अधिक युवाओं ने पंजीकरण कराया। इनमें से प्राप्त 5,000 से अधिक तकनीकी प्रस्तावों का विशेषज्ञों की समिति ने विस्तृत मूल्यांकन किया और अगले दौर के लिए 1,000 प्रतिभागियों का चयन किया। अंतिम चरण में देशभर से चुनी गई शीर्ष 60 टीमों ने मुख्यमंत्री के समक्ष अपने कार्यशील प्रोटोटाइप और नवाचारों का लाइव प्रदर्शन किया।
‘दिल्ली नेक्स्ट’ के तहत चुनी गई शीर्ष 60 टीमों को आगे भी विशेष सहयोग और मार्गदर्शन दिया जाएगा। प्रत्येक टीम को संबंधित सरकारी विभाग से जोड़ा जाएगा और विशेषज्ञों की मेंटरशिप मिलेगी। उनके समाधान का पायलट परीक्षण किया जाएगा और सफल परियोजनाओं को सरकारी व्यवस्था में लागू करने के लिए स्पष्ट रोडमैप तैयार किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली सरकार का लक्ष्य राजधानी को देश की सिविक-टेक कैपिटल के रूप में स्थापित करना है, जहां सरकार, स्टार्टअप्स, उद्योग, शिक्षण संस्थान और नागरिक निरंतर सहयोग के माध्यम से सुशासन के नए मॉडल विकसित करें। भविष्य की सरकारें केवल प्रशासन नहीं चलाएंगी, बल्कि डेटा, एआई, डिजिटल इनोवेशन और नागरिक सहभागिता के माध्यम से अधिक प्रभावी, पारदर्शी और उत्तरदायी शासन प्रदान करेंगी। ‘दिल्ली नेक्स्ट’ उसी भविष्य की दिशा में दिल्ली सरकार का एक महत्वपूर्ण और दूरदर्शी कदम है।
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हिन्दुस्थान समाचार / धीरेन्द्र यादव