मुख्यमंत्री ने दिल्ली के विभिन्न क्षेत्रों से आए बच्चों संग मनाया रक्षाबंधन का पर्व
नई दिल्ली, 27 अगस्त (हि.स.)। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने रक्षाबंधन की पूर्व संध्या पर गुरुवार को मुख्यमंत्री जनसेवा सदन में दिल्ली के अलग-अलग हिस्सों से आए बच्चों के साथ आत्मीयता और उल्लास के साथ रक्षाबंधन का पर्व मनाया। इस अवसर पर बच्चों ने मुख्यमंत्री को अपने हाथों से राखियां बांधीं, मिठाई खिलाई, कविताएं और गीत सुनाए।
मुख्यमंत्री ने उनके साथ खुलकर संवाद किया और उनके स्कूल, पढ़ाई और परिवार से जुड़ी बातें पूछीं। बच्चों ने भी पूरे उत्साह के साथ मुख्यमंत्री से बातचीत की और उन्हें रक्षाबंधन की शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने बच्चों को उपहार देकर उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।
इस दौरान कई बच्चों ने उनके लिए विशेष रूप से कविताएं और गीत तैयार किए थे, जिन्हें उन्होंने मुख्यमंत्री के सामने प्रस्तुत किया। मुख्यमंत्री ने बच्चों की प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए उन्हें प्रोत्साहित किया और कहा कि राखी केवल एक धागा नहीं, बल्कि एक-दूसरे के प्रति प्रेम, विश्वास और जिम्मेदारी का प्रतीक है। बच्चों के साथ सहज संवाद के दौरान मुख्यमंत्री ने उनसे पूछा कि वे अपने भाई-बहन के साथ झगड़ते हैं या नहीं। बच्चों के जवाब पर मुख्यमंत्री ने मुस्कुराते हुए उन्हें रक्षाबंधन के दिन एक-दूसरे से झगड़ा न करने और हमेशा प्यार से रहने का वादा भी कराया। इस दौरान पूरा माहौल हंसी, अपनापन और बच्चों की मासूमियत से भर गया।
इस दौरान एक बच्ची ने मुख्यमंत्री से प्रेरित होकर कहा कि वह भी बड़ी होकर ‘आप जैसी’ बनना चाहती है। बच्ची की इस बात पर मुख्यमंत्री ने उसे आशीर्वाद देते हुए कहा कि वह खूब पढ़े और अपने सपनों को पूरा करे। मुख्यमंत्री ने बच्चों को शिक्षा के महत्व के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि उनका भविष्य उनकी पढ़ाई और मेहनत से बनेगा तथा सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि हर बच्चे को आगे बढ़ने के अवसर मिलें।
इस अवसर पर बच्चों ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के लिए स्वयं बनाई हुई राखियां भी भेंट कीं। बच्चों ने बताया कि इन राखियों को उन्होंने काफी मेहनत से तैयार किया है। बच्चों के समूह ने मुख्यमंत्री के स्वच्छ यमुना अभियान से प्रेरणा लेने की बात भी कही। मुख्यमंत्री ने बच्चों की रचनात्मकता और जागरूकता की सराहना करते हुए उन्हें दिल्ली को स्वच्छ एवं सुंदर बनाने में योगदान देने के लिए प्रेरित किया।
रक्षाबंधन के अवसर पर मुख्यमंत्री ने बच्चों को उपहार और चॉकलेट्स भी दिए। उन्होंने बच्चों से कहा कि वे अपनी मां के लिए भी उपहार लेकर जाएं और उन्हें अपनी ओर से भेंट करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि बच्चों के बीच त्योहारों की खुशी और भी विशेष होती है। उन्होंने कहा कि दिल्ली के अलग-अलग हिस्सों से आए इन बच्चों ने जिस प्यार, अपनापन और उत्साह के साथ रक्षाबंधन मनाया, वह उनके लिए बेहद भावुक और यादगार क्षण है। बच्चों का प्यार और आशीर्वाद किसी सौगात से कम नहीं है। उनकी मासूम मुस्कान, उत्साह और सपने दिल्ली के भविष्य की तस्वीर हैं। उन्होंने कामना की कि हर बच्चे की मुस्कान हमेशा बनी रहे, उन्हें अपने सपनों को पूरा करने के लिए हर आवश्यक अवसर मिले और दिल्ली उनके लिए सुरक्षित, संवेदनशील और संभावनाओं से भरी जगह बने।
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हिन्दुस्थान समाचार / धीरेन्द्र यादव