बंगाल के लोगों का दिल्ली के विकास में महत्वपूर्ण योगदान : कपिल मिश्रा

 


नई दिल्ली, 15 अप्रैल (हि.स.)। दिल्ली सचिवालय में बुधवार को बंगाल दिवस पर सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर कला, संस्कृति एवं भाषा मंत्री कपिल मिश्रा ने बंगाली नववर्ष के पहले दिन 'बांग्ला दिवस' एवं पोइला बैसाख की दिल्ली सरकार की ओर से शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि देश के स्वतंत्रता आन्दोलन में बंगाल का योगदान अप्रतिम है। साथ ही शिक्षा, विज्ञान, कला, साहित्य और सिनेमा में बांग्ला भाषियों ने पूरी दुनिया में भारत का गौरव बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि बंगाल के लोगों का देश और दिल्ली के विकास में महत्वपूर्ण योगदान है।

कपिल मिश्रा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ के संकल्प की दिशा में राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने के लिए यह आयोजन हो रहे हैं। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में दिल्ली में सभी राज्यों के दिवस का आयोजन हो रहा है ताकि देश की विविध सांस्कृतिक पहचान को प्रोत्साहन मिल सके।

कपिल मिश्रा ने कहा कि बंगाल की पहचान भारत के सांस्कृतिक और राष्ट्रवादी आंदोलन के केंद्र के रूप में होती है। महान कवि रवीन्द्रनाथ टैगोर ने भारत को राष्ट्रगान और बंकिमचन्द्र चटर्जी ने राष्ट्रगीत ‘वन्देमातरम’ दिया। कोलकाता को कभी भारत की बौद्धिक राजधानी कहा जाता था। सुभाष चन्द्र बोस जैसे महान स्वतंत्रता नायक का देश हमेशा ऋणी रहेगा। उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद जैसे आध्यात्मिक गुरू और राजा राममोहन राय जैसे समाज सुधारकों ने नई चेतना का संचार किया। वहीं, जगदीश चन्द्र बोस एवं सीवी रमन जैसे वैज्ञानिकों ने भारत का नाम विश्व में रोशन किया। बंगाल भारत की सांस्कृतिक आत्मा, बौद्धिक चेतना और राष्ट्रवादी भावना का प्रमुख केंद्र रहा है, जिसने देश को हर क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

इस अवसर पर सचिवालय में पश्चिम बंगाल के प्रसिद्ध रवींद्र नाट्यम, रवीन्द्र संगीत, बाउल संगीत, झुमैर नृत्य एवं धुनुची नृत्य के जरिए ढाक की थाप पर दुर्गा स्तुति एवं मनमोहक प्रस्तुति का दर्शकों ने आनंद लिया। 22 कलाकारों ने अपनी प्रस्तुति दी। कला, संस्कृति एवं भाषा विभाग की ओर से साहित्य कला परिषद ने इस कार्यक्रम का आयोजन किया। आयोजन में बड़ी संख्या में दर्शक उपस्थित रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / धीरेन्द्र यादव